‘ऐसी सजा कि गद्दारों की 7 पुश्तें याद रखें’, बोले J&K के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, ‘मिट्टी में मिला देंगे’
‘ऐसी सजा कि गद्दारों की 7 पुश्तें याद रखें’, बोले J&K के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, ‘मिट्टी में मिला देंगे’
जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज (20 फरवरी 2026) आतंकवाद और देशद्रोह पर बेहद सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा, “जो देश से गद्दारी करेगा, उसे ऐसी सजा मिलेगी कि उसकी 7 पुश्तें याद रखेंगी।” एलजी ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद का इकोसिस्टम और उसके समर्थकों को बख्शा नहीं जाएगा—चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा, और उन्हें मिट्टी में मिला दिया जाएगा।
कब और कहां दिया बयान?
ये बयान आज जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम या मीडिया इंटरैक्शन के दौरान आया, जहां एलजी ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “आतंकवाद से जुड़े हर व्यक्ति को अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी। जो लोग देश के खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उनके भविष्य को बर्बाद करने की कोशिश करेंगे।”
एलजी ने कश्मीरी पंडितों की वापसी और क्षेत्र में शांति बहाली पर भी बात की, साथ ही कहा कि आतंक का अंत नजदीक है और प्राचीन गौरव जल्द बहाल होगा।
बयान की पृष्ठभूमि
ये बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर में हाल के महीनों में आतंकी हमलों और घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं। केंद्र सरकार की सख्त नीतियों के तहत सुरक्षा बलों ने कई ऑपरेशंस किए हैं, जिसमें कई आतंकी मारे गए। एलजी सिन्हा ने पहले भी आतंकवाद के खिलाफ कड़े बयान दिए हैं, लेकिन “7 पुश्तें याद रखेंगी” वाली लाइन ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं।
प्रतिक्रियाएं
बीजेपी और NDA समर्थकों ने इसे “देशभक्ति का संदेश” बताया और सराहा।
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे “कड़े शब्दों में जरूरी चेतावनी” कहा, जबकि विपक्षी दलों ने इसे “भावुक बयानबाजी” करार दिया।
एलजी का ये बयान आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को और मजबूत करता दिख रहा है।
जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास की राह पर चलते हुए एलजी सिन्हा का ये संदेश साफ है—गद्दारी और आतंकवाद को कोई जगह नहीं मिलेगी। क्या ये बयान क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति सुधारने में मदद करेगा? आपकी राय क्या है? कमेंट में बताएं!
