PAK कप्तान पर लगा 2 साल का बैन हटा! ‘बर्तन मांजने’ का खुलासा करने पर मिली थी सजा, अब इंटरिम PHF चीफ ने लिया बड़ा फैसला
PAK कप्तान पर लगा 2 साल का बैन हटा! ‘बर्तन मांजने’ का खुलासा करने पर मिली थी सजा, अब इंटरिम PHF चीफ ने लिया बड़ा फैसला
लाहौर/इस्लामाबाद: पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट (Ammad Shakeel Butt) पर लगा 2 साल का बैन हटा दिया गया है! ये बैन उन्हें ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान फेडरेशन की बदइंतजामी का खुलासा करने पर लगाया गया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि प्लेयर्स को मैच से पहले बर्तन मांजने (wash dishes), किचन साफ करने और टॉयलेट स्क्रब करने पड़ रहे थे। अब इंटरिम PHF प्रेसिडेंट मोहयुद्दीन अहमद वानी ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को ये बैन हटाने का ऐलान कर दिया।
क्या हुआ था पूरा मामला?
पाकिस्तान हॉकी टीम FIH Pro League के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थी, लेकिन PHF (Pakistan Hockey Federation) की तरफ से होटल बुकिंग्स नहीं हुईं। प्लेयर्स को सिडनी एयरपोर्ट पर 12-15 घंटे सड़कों पर भटकना पड़ा।
होटल बिल्स नहीं चुकाए जाने से टीम स्ट्रैंडेड हो गई। प्लेयर्स को खुद खाना बनाना, किचन-टॉयलेट साफ करना और बर्तन मांजने पड़ रहे थे—यहां तक कि मैच डे पर भी 2-3 घंटे डिशवॉशिंग!
कप्तान अम्माद बट ने लाहौर लौटकर मीडिया से कहा, “मैनेजमेंट के साथ काम नहीं कर सकते। जब प्लेयर्स को मैच से पहले किचन साफ करना और बर्तन धोना पड़ रहा है, तो रिजल्ट कैसे उम्मीद करें?”
उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें पहले झूठ बोलने को मजबूर किया गया था ताकि देश की इमेज खराब न हो, लेकिन अब “enough is enough”।
इसके बाद तत्कालीन PHF प्रेसिडेंट तारिक हुसैन बुग्टी ने कप्तान पर 2 साल का बैन लगा दिया, आरोप लगाया कि उन्होंने फेडरेशन की बदनामी की। लेकिन बैन लगाने के तुरंत बाद बुग्टी ने इस्तीफा दे दिया।
पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए, और PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्लेयर्स से मुलाकात की।
अब क्या हुआ?
नए इंटरिम प्रेसिडेंट मोहयुद्दीन अहमद वानी ने बैन हटाते हुए कहा, “पारदर्शिता और निष्पक्षता मेरी प्राथमिकता है। फैसले इसी आधार पर होंगे।” (APP रिपोर्ट के मुताबिक)
कप्तान अम्माद बट अब नेशनल टीम के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं। टीम का प्रदर्शन भी खराब रहा था (ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से सभी मैच हारे), लेकिन ये विवाद ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है।
प्लेयर्स और फैंस इसे राहत की खबर मान रहे हैं, क्योंकि हॉकी में पहले से ही संकट है—फंडिंग, मैनेजमेंट और परफॉर्मेंस सब पर सवाल।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
ये फैसला PHF में नए दौर की शुरुआत का संकेत है। लेकिन कई लोग कह रहे हैं कि असली जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि फंड्स कहां गए और जिम्मेदार कौन। पाकिस्तान हॉकी के लिए ये बड़ा मोमेंट है—क्या अब सुधार होगा?
आप क्या सोचते हैं—कप्तान का खुलासा सही था या फेडरेशन को बचाना चाहिए था? कमेंट में बताएं! 🏑🇵🇰
