उत्तराखंड: प्री-SIR प्रक्रिया में कांग्रेस ने BJP को पछाड़ा – BLA बनाने में कांग्रेस आगे, 7968 vs 7165 एजेंट; कई सीटों पर BJP का खाता भी नहीं खुला
उत्तराखंड: प्री-SIR प्रक्रिया में कांग्रेस ने BJP को पछाड़ा – BLA बनाने में कांग्रेस आगे, 7968 vs 7165 एजेंट; कई सीटों पर BJP का खाता भी नहीं खुला
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी के बीच स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया चल रही है, और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) से जुड़े आंकड़े काफी दिलचस्प हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, पूरे प्रदेश में 70 विधानसभा सीटों पर कुल 11,733 बूथ हैं, जहां BLA बनाने का काम जोरों पर है। लेकिन कोई भी दल अभी तक पूरी संख्या तक नहीं पहुंचा है। मुख्य रूप से कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस मामले में पीछे छोड़ दिया है – कांग्रेस ने 7,968 BLA बनाए हैं, जबकि BJP सिर्फ 7,165 पर रुकी है। यानी कांग्रेस 803 BLA ज्यादा बना चुकी है। कई सीटों पर BJP एक भी एजेंट नामित नहीं कर पाई है, हालांकि कांग्रेस की भी कुछ सीटों पर यही स्थिति है।
कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन
BLA बनाने में कांग्रेस का ग्राफ ऊंचा है, जो दर्शाता है कि पार्टी बूथ स्तर पर ज्यादा सक्रिय है।
BJP को कई सीटों पर एजेंट नामित करने में मुश्किल हो रही है, जिसे कांग्रेस “दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी” का मजाक उड़ा रही है।
जिले-वार आंकड़े (निर्वाचन आयोग के अनुसार)
उत्तरकाशी: 544 बूथ – BJP: 422, कांग्रेस: 300
चमोली: 592 बूथ – BJP: 552, कांग्रेस: 575
रुद्रप्रयाग: 362 बूथ – BJP: 359, कांग्रेस: 362 (100%)
टिहरी गढ़वाल: 963 बूथ – BJP: 619, कांग्रेस: 670
देहरादून: 1,882 बूथ – BJP: 912, कांग्रेस: 1,047
हरिद्वार: 1,715 बूथ – BJP: 946, कांग्रेस: 1,523
पौड़ी: 945 बूथ – BJP: 486, कांग्रेस: 778
पिथौरागढ़: 611 बूथ – BJP: 611 (100%), कांग्रेस: 211
बागेश्वर: 381 बूथ – BJP: 215, कांग्रेस: 330
अल्मोड़ा: 920 बूथ – BJP: 494, कांग्रेस: 613
चंपावत: 344 बूथ – BJP: 344 (100%), कांग्रेस: 307
नैनीताल: 1,010 बूथ – BJP: 920, कांग्रेस: 643
उधम सिंह नगर: 1,464 बूथ – BJP: 285, कांग्रेस: 609
कुल मिलाकर, कांग्रेस BJP से आगे निकल चुकी है, लेकिन कुछ जिलों (जैसे पिथौरागढ़ और चंपावत) में BJP ने 100% BLA बनाए हैं।
BJP की ‘शून्य BLA’ वाली 19 सीटें
राज्य में 19 विधानसभा सीटों पर BJP एक भी BLA नामित नहीं कर पाई:
चकराता, विकासनगर, धर्मपुर, राजपुर रोड, देहरादून कैंट, ज्वालापुर, रुड़की, मंगलौर, हरिद्वार ग्रामीण, यमकेश्वर, लैंसडाउन, द्वाराहाट, सल्ट, रानीखेत, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज, नानकमत्ता।
खास बात: इनमें से 13 सीटों (विकासनगर, धर्मपुर, राजपुर रोड, देहरादून कैंट, रुड़की, यमकेश्वर, लैंसडाउन, सल्ट, रानीखेत, गदरपुर, रुद्रपुर, सितारगंज, नानकमत्ता) पर BJP के ही विधायक हैं!
कांग्रेस की ‘शून्य BLA’ वाली 10 सीटें
कांग्रेस भी 10 सीटों पर एक भी BLA नहीं बना पाई:
चकराता, विकासनगर, राजपुर रोड, झबरेड़ा, डीडीहाट, पिथौरागढ़, खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज, किच्छा।
इनमें से 5 (चकराता, झबरेड़ा, पिथौरागढ़, खटीमा, किच्छा) पर कांग्रेस के विधायक हैं।
कांग्रेस नेता का बयान
“भारतीय जनता पार्टी जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, वह प्री-SIR की प्रक्रिया के दौरान बूथ एजेंट तक तय नहीं कर पा रही है। जबकि इस मामले में कांग्रेस BJP से कई आगे निकल चुकी है और अधिकतर सीटों के लिए एजेंट के नाम दिए जा चुके हैं।”
अमेंद्र बिष्ट, कांग्रेस नेता
BJP नेता का बयान
“अभी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से विभिन्न सीटों पर BLA के नाम दिए जा रहे हैं। कांग्रेस को इस मामले पर अपनी तैयारी देखनी चाहिए। BJP अपने स्तर से BLA को लेकर काम कर रही है।”
मथुरा दत्त जोशी, BJP नेता
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि चुनावी तैयारी में बूथ स्तर की मजबूती कितनी अहम है – कांग्रेस यहां बाजी मारती नजर आ रही है, लेकिन BJP भी पीछे नहीं हट रही। बैरेली से उत्तराखंड ज्यादा दूर नहीं – क्या लगता है, यह BLA आंकड़े चुनाव पर कितना असर डालेंगे?
