भारतीय लड़की भी बनी जेफरी एपस्टीन की शिकार? नए फाइल्स से बड़ा खुलासा
भारतीय लड़की भी बनी जेफरी एपस्टीन की शिकार? नए फाइल्स से बड़ा खुलासा
जेफरी एपस्टीन केस में अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा हाल ही में जारी की गई लाखों पन्नों की फाइल्स ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। इन दस्तावेजों में पहली बार एक भारतीय लड़की (या महिला) को एपस्टीन के यौन शोषण के शिकारों में शामिल बताया गया है। यह खुलासा 2026 की शुरुआत में हुई फाइल्स रिलीज के बाद सामने आया है, जिसमें 35 लाख से ज्यादा पेज के ईमेल, रिपोर्ट्स और अन्य रिकॉर्ड्स शामिल हैं।
क्या कहते हैं दस्तावेज?
13 जनवरी 2020 का एक ईमेल (एपस्टीन की मौत के कुछ महीनों बाद) वकील ब्रिटनी हेंडरसन और अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुआ।
ईमेल में पीड़िताओं के लिए थेरेपी सेशन और मुआवजे की बात है।
इसमें स्पष्ट रूप से “भारत में स्थित एक व्यक्ति” (individual located in India) का जिक्र है, जिसे पीड़िता माना गया है।
वकील ने पूछा कि क्या उसे भी न्यूयॉर्क क्राइम विक्टिम्स कंपेंसेशन प्रोग्राम या इमरजेंसी असिस्टेंस फंड्स से मदद मिल सकती है, और क्या थेरेपी सेवाएं भारत में उपलब्ध हैं।
अधिकारियों ने जवाब में कहा कि पीड़िता का पता और संपर्क जानकारी दें, ताकि भारतीय दूतावास (US Embassy in India) के साथ समन्वय करके मुआवजा और मदद पहुंचाई जा सके।
ईमेल का विषय: “Epstein Victims” – और पीड़िता की पहचान को प्राइवेसी के लिए ब्लैक आउट (redacted) किया गया है।
यह खुलासा क्यों महत्वपूर्ण?
एपस्टीन का नेटवर्क सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं था – यह वैश्विक था, और अब भारत कनेक्शन सामने आया है।
यह पहली बार है जब आधिकारिक दस्तावेजों में भारतीय पीड़िता का स्पष्ट जिक्र मिला है।
फाइल्स में अन्य भारतीय नामों या कनेक्शनों (जैसे अनिल अंबानी से जुड़ी चैट्स) का भी जिक्र है, लेकिन मुख्य फोकस इस पीड़िता पर है।
पीड़िता की पहचान अभी गुप्त है – DOJ ने कई जगहों पर रेडैक्शन किए हैं, लेकिन कुछ फाइल्स में गलती से जानकारी लीक होने की वजह से विवाद भी हुआ।
पृष्ठभूमि
जेफरी एपस्टीन एक अमीर फाइनेंशियर और दोषी यौन अपराधी था, जिसने दर्जनों लड़कियों का यौन शोषण किया। उसकी मौत 2019 में जेल में हुई थी (आत्महत्या बताई गई)। घिसलेन मैक्सवेल (उसकी साथी) को भी सजा हो चुकी है।
नई फाइल्स Epstein Transparency Act के तहत रिलीज हुईं, लेकिन DOJ पर आरोप लगा कि कई पीड़िताओं की जानकारी ठीक से छिपाई नहीं गई।
अभी क्या?
भारतीय सरकार या जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कुछ मीडिया और सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत में जांच होगी या अमेरिका से सहयोग मांगा जाएगा।
पीड़िता की सुरक्षा और प्राइवेसी सबसे महत्वपूर्ण है – उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।
यह खुलासा एपस्टीन केस की भयावहता को फिर से उजागर करता है – कि शोषण का दायरा कितना बड़ा था।
