पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक उलटफेर: पूर्व NSG कमांडर, CRPF अधिकारी और वामपंथी नेता की बेटी BJP में शामिल
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक उलटफेर: पूर्व NSG कमांडर, CRPF अधिकारी और वामपंथी नेता की बेटी BJP में शामिल, सुवेंदु अधिकारी ने TMC के हुमायूं कबीर पर लगाए गंभीर आरोप
कोलकाता, 17 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव (अप्रैल-मई 2026 में होने की संभावना) से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को कोलकाता में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जहां नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में कई प्रमुख व्यक्तियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण की।
BJP में शामिल हुए प्रमुख नाम:
दीपांजन चक्रवर्ती: पूर्व NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडर और देश के जाने-माने अंडरकवर एजेंट। उनकी सुरक्षा और खुफिया क्षेत्र में विशेषज्ञता को लेकर चर्चा रही है।
बिप्लब बिस्वास: CRPF (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) के पूर्व DSP (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट) रैंक के अधिकारी।
कस्तूरी गोस्वामी: पूर्व CPM (CPI(M)) कैबिनेट मंत्री खिती गोस्वामी की बेटी। वामपंथी परिवार से आते हुए उनका BJP में शामिल होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर बंगाल की पारंपरिक वाम-समर्थक बेस को आकर्षित करने के लिहाज से।
यह शामिल होना बीजेपी की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां पार्टी सुरक्षा बलों के पूर्व अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों को जोड़कर TMC के खिलाफ मजबूत गठजोड़ बनाने की कोशिश कर रही है। सुवेंदु अधिकारी ने इन शामिल होने वालों का स्वागत करते हुए कहा कि “ये लोग बंगाल में बदलाव की हवा ला रहे हैं”।
हुमायूं कबीर पर विस्फोटक आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुवेंदु अधिकारी ने TMC से निलंबित विधायक और जनता उन्नयन पार्टी के मुखिया हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाए। अधिकारी ने दावा किया:
बाबरी मस्जिद (अयोध्या) की नींव रखने से ठीक पहले हुमायूं कबीर 7 दिनों तक बांग्लादेश में थे।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के उनके अकाउंट में बांग्लादेश से पैसे आ रहे हैं।
इस अकाउंट की जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा हो सकता है।
हुमायूं कबीर पहले TMC से जुड़े थे, लेकिन बाबरी मस्जिद ट्रस्ट के लिए धन संग्रह और अन्य विवादों के बाद पार्टी से निलंबित हो गए थे। उन्होंने मुस्लिम वोटर्स के बीच अपनी अलग पार्टी बनाई है। अधिकारी के आरोपों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है, खासकर जब बंगाल में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और डेमोग्राफिक बदलाव जैसे मुद्दे चुनावी एजेंडे में प्रमुख हैं।
चुनावी माहौल
2026 विधानसभा चुनाव में TMC बनाम BJP की सीधी टक्कर मानी जा रही है। अमित शाह जैसे केंद्रीय नेता पहले ही दावा कर चुके हैं कि BJP 50% वोट शेयर के साथ जीतेगी और सीमा सुरक्षा मजबूत करेगी। TMC की ओर से ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी सक्रिय हैं। SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) ड्राइव और वोटर लिस्ट विवाद भी गर्म हैं।
यह घटना बंगाल की राजनीति में BJP की बढ़ती गति को दिखाती है। जांच एजेंसियां और चुनाव आयोग इन आरोपों पर नजर रख रहे हैं। आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा। राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है!
