राजनीति

महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान पर फिर सियासी बवंडर!

मुंबई: महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान पर फिर सियासी बवंडर! मालेगांव डिप्टी मेयर के ऑफिस में तस्वीर लगी, शिवाजी से तुलना पर पुणे में पथराव, 9 घायल

मुंबई/पुणे/मालेगांव: महाराष्ट्र की सियासत में इतिहास एक बार फिर बारूद बन गया है। नासिक जिले के मालेगांव नगर निगम में नई चुनी गई डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने अपने चैंबर में 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर (या कुछ रिपोर्ट्स में स्टैच्यू) लगाई, जिससे राजनीतिक तूफान उठ गया। बीजेपी और शिवसेना ने इसका तीखा विरोध किया, इसे ‘प्रोटोकॉल के खिलाफ’ और ‘धार्मिक विभाजन’ का प्रयास बताया। विरोध के दबाव में तस्वीर हटा दी गई, लेकिन विवाद यहीं नहीं रुका – महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने टीपू सुल्तान की वीरता और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई को छत्रपति शिवाजी महाराज के ‘स्वराज्य’ विचार से जोड़ा, जिससे राज्य में भूचाल आ गया!

विवाद की पूरी कहानी:

ट्रिगर: मालेगांव (मुस्लिम बहुल इलाका) में डिप्टी मेयर के ऑफिस में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगी। शिवसेना और बीजेपी ने विरोध जताया, कहा कि सरकारी दफ्तर में ऐसी तस्वीर ठीक नहीं।

सपकाल का बयान: सपकाल ने कहा कि शिवाजी महाराज ने ‘स्वराज्य’ का विचार दिया, और टीपू सुल्तान ने उसी परंपरा में ब्रिटिश से लड़ाई लड़ी। बाद में सफाई दी कि तुलना वीरता की है, न कि व्यक्तिगत।

बीजेपी का हमला: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बयान को ‘शर्मनाक’ बताया, माफी मांगी। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुणे में कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन किया – जूते मारने का ‘आंदोलन’ चला, फिर पथराव हो गया। 9 लोग घायल (3 कांग्रेस, 2 बीजेपी, 2 पुलिस, 2 मीडिया)।

FIR और प्रतिक्रिया: पुणे में सपकाल के खिलाफ FIR दर्ज। AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी ने टीपू की तारीफ की, कहा वे ब्रिटिश से लड़ते मरे। शिवसेना (UBT) ने बीजेपी पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ का आरोप लगाया – पहले टीपू का इस्तेमाल चुनाव में करते थे, अब विरोध।

कांग्रेस का काउंटर: सपकाल ने कहा कि बीजेपी टीपू विवाद से ध्यान हटाकर एपस्टीन फाइल्स और बुनियादी सुविधाओं की कमी से भटका रही है। सचिन सावंत ने ‘पोलराइजेशन’ का आरोप लगाया।

यह विवाद महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान को ‘हीरो’ या ‘ट्रेटर’ के रूप में देखने की पुरानी बहस को फिर जिंदा कर रहा है। एक तरफ अंग्रेज विरोधी संघर्ष की तारीफ, दूसरी तरफ दक्षिण भारत में हिंदुओं पर अत्याचार के आरोप। सोशल मीडिया पर #TipuSultanRow और #ShivajiVsTipu ट्रेंड कर रहे हैं – बीजेपी इसे ‘हिंदू भावनाओं का अपमान’ बता रही है, जबकि कांग्रेस ‘इतिहास की राजनीति’ कह रही है।

मालेगांव से शुरू हुआ यह बवंडर अब पूरे महाराष्ट्र में फैल चुका है, और 2026 के बाद के चुनावी माहौल में और गरमाने की आशंका है। क्या यह सिर्फ इतिहास की बहस है या धार्मिक ध्रुवीकरण का नया हथियार? समय बताएगा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *