झूठ बोलो, जोर से बोलो, मगर राहुल जी… पुडुचेरी में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अमित शाह का तीखा पलटवार
झूठ बोलो, जोर से बोलो, मगर राहुल जी… पुडुचेरी में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अमित शाह का तीखा पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (14 फरवरी 2026) को पुडुचेरी के कराईकल में BJP की बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील (Indo-US Trade Deal) और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) को लेकर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया।
अमित शाह के मुख्य हमले
शाह ने कहा:
“राहुल गांधी ने रोजाना झूठ बोलने की एक नई परंपरा शुरू कर दी है। उनकी नीति है—झूठ बोलो, जोर से बोलो, सार्वजनिक रूप से बोलो और बार-बार दोहराओ। लेकिन इस देश की जनता अब आपकी झूठ गढ़ने वाली फैक्टरी को पहचान चुकी है।”
“राहुल जी, ट्रेड डील और FTA की बारीकियों को ध्यान से देखिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को 100% प्रोटेक्शन देने का काम किया है। इन समझौतों से हमारे किसानों और मछुआरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।”
राहुल गांधी किसानों और मछुआरों को गुमराह करना चाहते हैं, झूठ बोलकर भ्रांति फैलाना चाहते हैं।
UPA सरकार ने किसानों के हित बेचे थे, जबकि मोदी सरकार ने सुरक्षा कवच दिया है।
राहुल गांधी का दावा क्या था?
राहुल गांधी ने हाल ही में X पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से टेक्सटाइल सेक्टर और कपास किसानों को गहरा नुकसान होगा। उन्होंने इसे “सर्वेंडर” बताया और दावा किया कि यह समझौता 5 करोड़ परिवारों को प्रभावित करेगा।
रैली का संदर्भ
यह रैली पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनाव (2026) से पहले BJP की मजबूती दिखाने के लिए थी।
शाह ने पूर्व कांग्रेस सरकार पर ₹15,000 करोड़ के भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया (CAG रिपोर्ट का हवाला देकर) और NDA की वापसी पर भरोसा जताया।
उन्होंने कहा कि अब पुडुचेरी में दिल्ली से फैसले नहीं होते, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास हो रहा है।
यह हमला कांग्रेस और BJP के बीच ट्रेड डील को लेकर जारी राजनीतिक जंग का हिस्सा है, जहां BJP इसे किसान-मछुआरा हितों की रक्षा बता रही है, जबकि कांग्रेस नुकसान का दावा कर रही है। पुडुचेरी में BJP-AINRC गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है!
ट्रेड डील पर सियासत गरम! क्या जनता झूठ पहचान लेगी?
