‘मेरे खिलाफ जानलेवा साजिश’, जेल से बाहर आते ही विरोधियों पर आग-बबूला हुए पप्पू यादव: बेऊर जेल से रिहाई के बाद दिया धमकी भरा बयान
‘मेरे खिलाफ जानलेवा साजिश’, जेल से बाहर आते ही विरोधियों पर आग-बबूला हुए पप्पू यादव: बेऊर जेल से रिहाई के बाद दिया धमकी भरा बयान
पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को बड़ी राहत मिलने के बाद शुक्रवार (13 फरवरी 2026) शाम को बेऊर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। जमानत मिलने के कुछ घंटों बाद ही पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ जानलेवा साजिश रची गई थी और जेल में उन्हें “मारने की कोशिश” की गई।
पप्पू यादव के मुख्य बयान (जेल गेट से बाहर):
“मेरे खिलाफ जानलेवा साजिश रची गई थी। जेल में मुझे मारने की कोशिश की गई, लेकिन भगवान की कृपा से मैं बच गया। ये सब राजनीतिक दुश्मनी है।”
“जो लोग मुझे जेल भेजकर चुप कराना चाहते थे, वे अब डर रहे हैं। मैं वापस आ गया हूं और अब और मजबूती से लड़ूंगा।”
“ये 31 साल पुराना फर्जीवाड़ा का केस था, जो राजनीतिक बदले की भावना से इस्तेमाल किया गया। लेकिन जनता सब देख रही है।”
“मैं पूर्णिया की जनता का सेवक हूं। अब और तेजी से काम करूंगा। जो मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं, उनकी सच्चाई जनता के सामने आएगी।”
रिहाई की पृष्ठभूमि:
पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने तीनों मामलों (बुद्धा कॉलोनी, कोतवाली, गर्दनीबाग) में जमानत मंजूर की।
पप्पू यादव 6 फरवरी 2026 को पटना पुलिस द्वारा 1995 के फर्जीवाड़ा केस में गिरफ्तार हुए थे।
जमानत मिलने के बाद जेल प्रशासन ने शाम करीब 5:30 बजे उन्हें रिहा किया।
जेल गेट पर सैकड़ों समर्थक जमा थे, जो नारे लगा रहे थे: “पप्पू यादव जिंदाबाद”, “साजिशकर्ता हार गए”।
राजनीतिक प्रभाव:
रिहाई के बाद पप्पू यादव की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। वे 2027 विधानसभा चुनाव में पूर्णिया या आसपास के क्षेत्रों से मजबूत दावेदार बन सकते हैं।
सपा और कांग्रेस के साथ उनके पुराने संबंधों को देखते हुए विपक्षी एकता में उनका रोल अहम हो सकता है।
लेकिन उनका आक्रामक बयान NDA और BJP को भी निशाने पर ले रहा है, जिससे बिहार की सियासत में नया ट्विस्ट आ सकता है।
पप्पू यादव की रिहाई बिहार की राजनीति में नया दौर शुरू कर सकती है। समर्थकों में उत्साह है, जबकि विरोधी सतर्क हो गए हैं।
