वंदे मातरम का विरोध करने वाले बाबर की कब्र पर सजदा करते हैं: CM योगी का सदन में विपक्ष पर तीखा हमला, कांग्रेस-सपा को घेरा
वंदे मातरम का विरोध करने वाले बाबर की कब्र पर सजदा करते हैं: CM योगी का सदन में विपक्ष पर तीखा हमला, कांग्रेस-सपा को घेरा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम गाने को लेकर छिड़े विवाद पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग बाबर की कब्र पर सजदा (झुकना) का समर्थन करते हैं और माफियाओं की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं, वही वंदे मातरम का विरोध करते हैं। CM योगी ने ऐसे लोगों को देश की मिट्टी पर रहने का हक न होने की बात कही और विपक्षी दलों से अपील की कि वे अपने सदस्यों को पार्टी से बाहर करें।
सदन में क्या बोले CM योगी?
योगी ने कहा: “ये वो लोग हैं जो बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन करते हैं और वंदे मातरम का विरोध करते हैं। माफियाओं की कब्र में फतिया पढ़ने के लिए जाते हैं। कांग्रेस और सपा के नेता भी बोल रहे हैं। ये लोग कह रहे हैं कि वंदे मातरम नहीं गाएंगे। हिंदुस्तान का खाएंगे लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे। आपकी पार्टी के ही नेताओं ने कहा है। समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने कहा है। कांग्रेस के भी एक सांसद ने कहा है।”
उन्होंने विपक्ष से अपील की: “अगर आप ऐसे सांसदों के बयान का विरोध करते हैं तो मैं आपका स्वागत करता हूं। पार्टी में ये लागू होना चाहिए, जैसे कि हम कह सकते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में कोई भी वंदे मातरम का अपमान नहीं कर सकता। उसी तरह कांग्रेस और दूसरी पार्टियों में भी ये नियम बनना चाहिए। और जो व्यक्ति वंदे मातरम का विरोध करता है उसे कान पकड़कर और धक्का मारकर पार्टी से बाहर करना चाहिए। समाजवादी पार्टी को भी इस बात की घोषणा करना चाहिए। वंदे मातरम का जो विरोध करेगा उसे वही जाना चाहिए जहां उसे वंदे मातरम के स्वर का विरोध करने वाला मिलता हो। हिंदुस्तान की धरती पर तो उसे रहने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।”
योगी ने पुराने आचरण का जिक्र करते हुए कहा: “अचानक प्रदेश का परसेप्शन खराब नहीं हुआ था। यही आचरण था, जिस आचरण से बिटिया घबराती थी और व्यापारी कारोबार समेटता था। उसकी एक झलक अभिभाषण के दौरान भी यहां पर देखने को मिल रही थी और वह किसी भी स्थिति में मुझे नहीं लगता है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति उसको स्वीकारेगा।”
उन्होंने गालिब का शेर सुनाते हुए सपा पर तंज कसा: “ग़ालिब उम्र भर मैं ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ़ करता रहा। इस बात को लेकर मुझे यही लगा कि आप इसीलिए सदन में उपस्थित नहीं हुए थे क्योंकि आपके नियंत्रण से बाहर समाजवादी पार्टी के सदस्य रहे होंगे। इसलिए आपने कहा होगा कि अब इन उच्छृंखलों के बीच में रहने से अच्छा है कि हम स्वयं बाहर रहें, लेकिन आचरण जो भी था वो अच्छा नहीं था। वो अच्छा आचरण नहीं था और उस अच्छे आचरण की दृष्टि से आज इस सदन की अभिभाषण की शुरुआत मैं यहीं से करता हूं।”
योगी ने सनातन धर्म का जिक्र करते हुए कहा: “आप सनातन की बात कर रहे थे, सनातन धर्म के सबसे बड़े व्याख्या कार हैं वो महर्षि वेदव्यास जी हैं, उन्होंने वेदों को लिपिबद्ध करके आने वाली पीढ़ी को दिया।”
विवाद की पृष्ठभूमि:
यह बयान हाल ही में वंदे मातरम गाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच आया है, जहां सपा और कांग्रेस के कुछ सांसदों ने इसका विरोध किया था। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह राष्ट्रवाद और हिंदुत्व पर बहस को और तेज कर रहा है। विपक्ष ने योगी के बयान को “विभाजनकारी” बताया है, जबकि BJP समर्थक इसे “सच्चाई” कह रहे हैं।
सदन में यह बहस राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा सदस्यों के व्यवहार पर भी केंद्रित थी, जहां योगी ने विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। यह घटना
