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ट्रंप-नेतन्याहू की मीटिंग खत्म: करीब 3 घंटे चली गुप्त बातचीत, ईरान पर कोई अंतिम फैसला नहीं

ट्रंप-नेतन्याहू की मीटिंग खत्म: करीब 3 घंटे चली गुप्त बातचीत, ईरान पर कोई अंतिम फैसला नहीं

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अहम बैठक व्हाइट हाउस में समाप्त हो गई। यह बैठक करीब 3 घंटे (लगभग 2.5 से 3 घंटे) तक चली, जो पूरी तरह से बंद कमरे में हुई और प्रेस से कोई संयुक्त बयान या फोटो सेशन नहीं हुआ।

यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में नेतन्याहू की सातवीं (कुछ रिपोर्ट्स में छठी) अमेरिका यात्रा है। बैठक का मुख्य फोकस ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता, गाजा संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर था। नेतन्याहू ने अपनी यात्रा को पहले से आगे बढ़ाकर यह मुलाकात की, क्योंकि ईरान पर अमेरिकी हमले या समझौते की संभावना बढ़ गई थी।

ट्रंप का बयान (Truth Social पर पोस्ट)

बैठक खत्म होने के तुरंत बाद ट्रंप ने लिखा:

“बहुत अच्छी मीटिंग हुई।”

“ईरान के साथ कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ।”

“मैंने जोर दिया कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहे, ताकि डील हो सके। अगर डील हो गई तो यह मेरी प्राथमिकता होगी।”

ट्रंप ने ईरान को “उचित और जिम्मेदार” रहने की चेतावनी भी दी, अन्यथा सैन्य कार्रवाई का संकेत दिया।

इजरायल की ओर से क्या कहा गया?

नेतन्याहू के कार्यालय ने संक्षिप्त बयान जारी किया:

दोनों ने ईरान वार्ता, गाजा और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की।

नेतन्याहू ने इजरायल की सुरक्षा जरूरतों पर जोर दिया।

दोनों पक्षों ने निकट समन्वय और निरंतर संवाद पर सहमति जताई।

कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला, लेकिन दोनों पक्ष ईरान डील पर संशय में हैं और बैकअप प्लान (संयुक्त कार्रवाई) पर फोकस था।

बैठक से पहले क्या हुआ?

नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की।

ट्रंप के सलाहकार जारेड कुश्नर, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अन्य ने भी हिस्सा लिया।

इजरायल ने “Board of Peace” में शामिल होने का दस्तावेज साइन किया (रूबियो की मौजूदगी में)।

बैठक से पहले अमेरिका ने अपने नागरिकों को ईरान न जाने की एडवाइजरी जारी की।

क्यों इतनी अहम है यह मीटिंग?

ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर अमेरिका-ईरान बातचीत तेज है (ओमान में हालिया दौर)।

इजरायल डील के खिलाफ है और सख्त शर्तें चाहता है; अगर डील फेल हुई तो संयुक्त या अकेला हमला संभव।

गाजा युद्ध और क्षेत्रीय तनाव भी चर्चा में रहे।

कोई जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई, जो पिछले दौरों से अलग है।

यह मीटिंग मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच हुई, जहां ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ी है। फिलहाल कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं, लेकिन बातचीत जारी रहेगी।

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