कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि: रुद्रपुर-काशीपुर में 15 फरवरी तक मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, होटल-ढाबों में भी नहीं बिकेगा मांसाहारी खाना
कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि: रुद्रपुर-काशीपुर में 15 फरवरी तक मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, होटल-ढाबों में भी नहीं बिकेगा मांसाहारी खाना
रुद्रपुर/काशीपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए रुद्रपुर नगर निगम और काशीपुर नगर निगम ने सख्त फैसला लिया है। दोनों शहरों में 15 फरवरी 2026 तक कच्चे और पके हुए मांस की बिक्री, परिवहन और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी।
नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने पुलिस, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
मीट की दुकानों में कच्चा मांस बेचना पूरी तरह बंद रहेगा।
होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और किसी भी प्रतिष्ठान में पके हुए मांसाहारी व्यंजन (चिकन, मटन, मछली आदि) की बिक्री नहीं होगी।
कांवड़ यात्रा मार्गों और निगम क्षेत्र में किसी भी प्रकार का मांसाहारी भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
यह निर्णय शिवभक्तों की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान करने के लिए लिया गया है। महाशिवरात्रि (26 फरवरी 2026) के अवसर पर लाखों कांवड़िए हरिद्वार से गंगा जल लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। यात्रा का सिलसिला शुरू हो चुका है, और हजारों श्रद्धालु पहले से ही गंगाजल लेने निकल पड़े हैं। ऐसे में नगर क्षेत्रों में शांति, सौहार्द और धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, होटल मालिकों या प्रतिष्ठानों के खिलाफ 5,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में दुकान सील करने और कानूनी कार्रवाई भी होगी। नगर निगम की विशेष टीमें नियमित निरीक्षण करेंगी और शिकायत मिलने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
प्रशासन ने आम नागरिकों, व्यापारियों और होटल संचालकों से अपील की है कि वे इस धार्मिक अवसर की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी ऐसा प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि कांवड़ियों को किसी तरह की असुविधा न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
महाशिवरात्रि के दौरान उत्तराखंड में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। शिवभक्तों से अनुरोध है कि वे नियमों का पालन करें और यात्रा में शांति बनाए रखें।
