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क्यों सड़क पर बैठे हैं सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता? बेटे की मौत के बाद संगीत की रॉयल्टी में धोखाधड़ी का आरोप

क्यों सड़क पर बैठे हैं सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता? बेटे की मौत के बाद संगीत की रॉयल्टी में धोखाधड़ी का आरोप

पंजाब के मानसा जिले में 11 फरवरी 2026 को एक दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला। दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला (शुभदीप सिंह) के माता-पिता बलकौर सिंह और चरण कौर ने अपने छोटे बेटे (जिसे ‘छोटा सिद्धू’ या ‘मूसेवाला जूनियर’ कहा जाता है) को गोद में लेकर मानसा SSP ऑफिस के बाहर फर्श/जमीन पर बैठकर धरना दिया। यह प्रदर्शन कई घंटों तक चला, और परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य वजह – संगीत रॉयल्टी और आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप

परिवार का दावा है कि सिद्धू के गानों, यूट्यूब, स्पॉटिफाई और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से होने वाली रॉयल्टी (कमाई) में धोखाधड़ी हो रही है।

कुछ लोग (खासकर संगीत प्रोड्यूसर और डिजिटल मार्केटिंग प्रमोटर्स) सिद्धू के रिलीज्ड और अनरिलीज्ड ट्रैक्स का अनधिकृत इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं, लेकिन परिवार को उनका हक नहीं मिल रहा।

नामित लोग: बंटी बैंस (सिद्धू के पूर्व मैनेजर/प्रोड्यूसर), गुरप्रीत सिंह भसीन, और शब्बीर मोमिन (डिजिटल प्रमोटर्स)।

आरोप: एक फर्म/कंपनी ने सिद्धू के गानों के मार्केटिंग राइट्स रखे हैं, लेकिन एक साल से ज्यादा समय से फाइनेंशियल ऑडिट नहीं दिया और रॉयल्टी पेमेंट नहीं की।

कुछ रिपोर्ट्स में कुल पेंडिंग अमाउंट 37 लाख USD (लगभग 30 करोड़ रुपये से ज्यादा) का जिक्र है, जबकि मौत के बाद अब तक कुछ इंस्टॉलमेंट्स में पैसे मिले हैं।

जून 2025 में बलकौर सिंह ने DGP को शिकायत दी थी, जिसे मानसा पुलिस को जांच के लिए भेजा गया, लेकिन 6 महीने बाद भी कोई FIR दर्ज नहीं हुई और कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस पर क्या आरोप?

परिवार का कहना है कि पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही, शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही।

बलकौर सिंह ने कहा: “हमारा बेटा जा चुका है, अब उसके मेहनत से कमाए पैसों को भी लूटा जा रहा है। पुलिस बदमाशों के साथ मिली हुई लग रही है।”

उन्होंने CM के OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) पर भी केस प्रभावित करने का आरोप लगाया।

अगर सुनवाई नहीं हुई तो और बड़ा संघर्ष करेंगे, यह चेतावनी भी दी।

अन्य संदर्भ

यह पहली बार नहीं है जब परिवार ने प्रदर्शन किया। पहले भी हत्या के मुख्य आरोपी (जैसे गोल्डी बराड़) के खिलाफ इंसाफ की मांग में धरना दिया था। लेकिन इस बार फोकस आर्थिक पक्ष पर है – बेटे की मौत के दर्द के साथ अब उसकी विरासत को बचाने की लड़ाई।

कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी परिवार का साथ दिया और सरकार से इंसाफ की मांग की। पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन परिवार की मांग है कि तुरंत FIR दर्ज हो और जांच हो।

यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां लोग परिवार के दर्द को देखकर भावुक हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की मौत 29 मई 2022 को हुई थी, लेकिन उनके परिवार की लड़ाई आज भी जारी है – दोनों इंसाफ और विरासत के लिए।

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