बांग्लादेश चुनाव 2026: कल 300 संसदीय सीटों पर मतदान, 12.7 करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे वोट; सुरक्षा की कड़ी परीक्षा
बांग्लादेश चुनाव 2026: कल 12 फरवरी को 300 संसदीय सीटों पर मतदान, 12.7 करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे वोट; सुरक्षा की कड़ी परीक्षा, साथ में संवैधानिक रेफरेंडम
ढाका, 11 फरवरी 2026: बांग्लादेश कल (12 फरवरी 2026) को अपने इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक में उतरेगा। यह देश का 13वां संसदीय चुनाव है, जो 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले ‘मानसून क्रांति’ से शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पहला बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास है। 12.77 करोड़ (127,711,793) पंजीकृत मतदाता 300 सीटों वाली जातीय संसद (Jatiya Sangsad) के सदस्य चुनेंगे। साथ ही एक राष्ट्रीय रेफरेंडम भी होगा, जिसमें संवैधानिक, चुनावी और संस्थागत सुधारों के पैकेज पर जनमत लिया जाएगा।
मुख्य तथ्य और व्यवस्था
मतदान का समय: सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक।
मतदान केंद्र: पूरे देश में 42,958 केंद्र।
मतदाता संख्या: पुरुष 6.48 करोड़, महिलाएं 6.29 करोड़, थर्ड जेंडर 1,232। विदेश में रहने वाले 15 लाख से ज्यादा मतदाताओं को पहली बार पोस्टल बैलट से वोट करने का मौका।
सीटें: 300 सीटें सीधे चुनी जाएंगी (सिंगल-मेंबर निर्वाचन क्षेत्रों से)। इसके अलावा 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जो निर्वाचित सांसदों के वोट से आनुपातिक रूप से भरेंगी। बहुमत के लिए 151 सीटें चाहिए।
उम्मीदवार: कुल 1,981 उम्मीदवार मैदान में। मुख्य मुकाबला BNP (Bangladesh Nationalist Party) और Jamaat-e-Islami के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन के बीच। Awami League (शेख हसीना की पार्टी) को प्रतिबंधित कर दिया गया है, इसलिए वे चुनाव नहीं लड़ रही।
रेफरेंडम: वोटर्स दो बैलट पेपर भरेंगे—एक संसद सदस्यों के लिए, दूसरा जुलाई चार्टर पर सुधारों के पैकेज पर (जैसे द्विसदनीय संसद, कार्यकारी शक्तियों पर अंकुश आदि)। अगर पास हुआ तो नई संसद पहले 180 दिनों में संविधान संशोधन करेगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और मुद्दे
2024 में छात्र आंदोलन से शेख हसीना की 15 साल की सत्ता खत्म हुई। अंतरिम सरकार मुहम्मद यूनुस (नोबेल विजेता) के नेतृत्व में है, जो चुनाव और सुधारों की देखरेख कर रही है।
BNP सबसे मजबूत दिख रही है—ओपिनियन पोल में आगे। कई पूर्व Awami League समर्थक BNP की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
Jamaat-e-Islami गठबंधन युवा और शिक्षित वोटरों में मजबूत। मुद्दे: अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, मानवाधिकार, न्याय और 2024 के आंदोलन के सबकों को संविधान में शामिल करना।
हिंसा का खतरा: चुनाव से पहले हिंसा और धमकियों की घटनाएं। सुरक्षा बलों ने कड़ी तैयारी की है—देशभर में अतिरिक्त पुलिस, BGB और सेना तैनात। EC ने शांतिपूर्ण मतदान का दावा किया है।
विदेशी निगरानी: EU, Commonwealth और अन्य अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक मौजूद।
परिणाम कब?
मतगणना मतदान खत्म होते ही शुरू होगी।
आधिकारिक परिणाम 13 फरवरी सुबह तक आने की उम्मीद।
यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतंत्र की बहाली और भविष्य की दिशा तय करेगा। Awami League के बिना पहला चुनाव होने से राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। BNP को बढ़त दिख रही है, लेकिन रेफरेंडम और युवा वोट निर्णायक होंगे। अपडेट्स के लिए बने रहें!
