राजनीति

लोकसभा में राहुल गांधी का धमाकेदार भाषण: ‘सरकार ने भारत माता को बेच दिया’, अमेरिका ट्रेड डील पर ‘सरेंडर’ का आरोप, एपस्टीन फाइल्स और अडानी पर तीखे प्रहार

लोकसभा में राहुल गांधी का धमाकेदार भाषण: ‘सरकार ने भारत माता को बेच दिया’, अमेरिका ट्रेड डील पर ‘सरेंडर’ का आरोप, एपस्टीन फाइल्स और अडानी पर तीखे प्रहार—सदन में हंगामा मचा

लोकसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज करीब 45 मिनट से ज्यादा का आक्रामक और विवादास्पद भाषण दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला, खासकर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को “पूर्ण सरेंडर” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने देश को बेच दिया है। भाषण के दौरान सदन में भारी हंगामा हुआ, सत्ता पक्ष ने विरोध किया और कई बार स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।

राहुल गांधी ने भाषण की शुरुआत मार्शल आर्ट्स (MMA) के एनालॉजी से की। उन्होंने कहा, “मार्शल आर्ट्स में शुरुआत ‘ग्रिप’ से होती है, फिर ‘चोक’ में जाते हैं—चोक का फोकस गला होता है। राजनीति में भी ग्रिप होती है, लेकिन दिखती नहीं है।” उन्होंने इसे बजट और वैश्विक राजनीति से जोड़ा।

मुख्य बिंदु जो राहुल गांधी ने उठाए:

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हमला

राहुल ने इसे “ट्रेड डील नहीं, सरेंडर” बताया। कहा, “अमेरिकी शर्तों पर समझौता करना शर्मनाक है। अब अमेरिका तय करेगा कि भारत तेल कहां से खरीदेगा, हमारा प्रधानमंत्री नहीं।”

आरोप: डील में डिजिटल ट्रेड और डेटा पर भारत ने नियंत्रण छोड़ दिया। “भारतीय डेटा” (1.4 अरब लोगों का डेटा) सबसे बड़ा स्ट्रैटेजिक एसेट है, लेकिन सरकार ने इसे अमेरिका को सौंप दिया।

“हम पाकिस्तान के बराबर नहीं बनेंगे। अमेरिका से ‘इक्वल्स’ की तरह बात करनी चाहिए, सर्वेंट्स की तरह नहीं।”

टैरिफ बढ़ोतरी का जिक्र: औसत टैरिफ 3% से 18% हो गया (6 गुना बढ़ोतरी), US से आयात $46 बिलियन से $146 बिलियन का प्रोजेक्शन “बेतुका”। कोई भारत के लिए कमिटमेंट नहीं।

“किसी भी भारतीय PM, जिसमें मोदी जी शामिल हैं, ऐसी डील पर दस्तखत नहीं करते—जब तक उनकी गर्दन पर ‘चोक’ न हो।”

बजट पर आलोचना

बजट को “आज की चुनौतियों के मुताबिक नाकाफी” बताया।

AI, डेटा, जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट (यूक्रेन, गाजा) और डॉलर चैलेंज पर कुछ नहीं।

“हम turbulent times में जा रहे हैं, लेकिन बजट में कोई फोरसाइट नहीं।”

नौकरियां, महंगाई, सोशल वेलफेयर पर फोकस की कमी।

एपस्टीन फाइल्स, अडानी-अंबानी और PM पर आरोप

“PM की आंखों में डर दिखता है। दो वजहें: एक एपस्टीन फाइल्स (3 मिलियन फाइल्स अभी लॉक हैं), दूसरा अडानी।”

अडानी को “साधारण बिजनेसमैन नहीं” बताया। उनकी कंपनी पर अमेरिका में केस है, लेकिन टार्गेट PM हैं—यह BJP का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है।

अनिल अंबानी जेल में क्यों नहीं? वजह एपस्टीन फाइल्स।

डिफेंस बजट पर “चोक” दिखता है, जो अडानी से जुड़ा है।

अन्य प्रमुख बातें

“सरकार ने भारत माता को बेच दिया। क्या शर्म नहीं आती देश बेचने में?”

“देश बिक गया है।”

रिजिजू (किरेन रिजिजू) के इंटरप्ट पर तीखा जवाब, सदन में बवाल।

सदन में प्रतिक्रिया:

सत्ता पक्ष (BJP) ने “बेबुनियाद आरोप” कहकर विरोध किया।

स्पीकर ने कई बार टोका, लेकिन राहुल ने कहा, “मुझे बोलने की परमिशन किसी से नहीं चाहिए।”

कांग्रेस सांसदों ने वॉकआउट भी किया (कुछ रिपोर्ट्स में)।

बाद में IT मंत्री ने कहा, “भारत का डेटा सुरक्षित है।”

राहुल गांधी का यह भाषण बजट सत्र में सबसे चर्चित रहा। विपक्ष इसे “सरकार पर करारा प्रहार” बता रहा है, जबकि सरकार इसे “राजनीतिक ड्रामा” कह रही है। पूरा वीडियो संसद टीवी और यूट्यूब पर उपलब्ध है।

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