मुंबई में ऐतिहासिक बदलाव: बीजेपी की रितु तावड़े बनीं नई मेयर, शिवसेना के संजय घाड़ी बने डिप्टी मेयर—44 साल बाद BJP का मेयर
मुंबई में ऐतिहासिक बदलाव: बीजेपी की रितु तावड़े बनीं नई मेयर, शिवसेना के संजय घाड़ी बने डिप्टी मेयर—44 साल बाद BJP का मेयर
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बड़ा राजनीतिक उलटफेर! बीजेपी की सीनियर कॉर्पोरेटर रितु तावड़े को मुंबई की नई महापौर (Mayor) चुना गया है, जबकि एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के संजय घाड़ी डिप्टी मेयर बने हैं। दोनों ही निर्विरोध (unopposed) चुने गए, क्योंकि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। यह फैसला महायुति गठबंधन (BJP + Shinde Sena) की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
यह घटना मुंबई की सियासत में ऐतिहासिक है—44 साल बाद (1982-83 के बाद) बीजेपी को BMC का मेयर मिला है। पिछले 25 सालों से ठाकरे परिवार (शिवसेना UBT) का इस सबसे अमीर नगर निकाय पर कब्जा था, लेकिन 2026 BMC चुनावों में BJP ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर कमान संभाली।
मुख्य हाइलाइट्स:
निर्विरोध चुनाव: BMC मुख्यालय (टाउन हॉल) में विशेष बैठक में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव हुआ। कोई विरोध नहीं होने से दोनों बिना वोटिंग के चुने गए।
मौजूदगी: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। चुनाव के बाद नारे और जश्न का माहौल रहा।
रितु तावड़े का बैकग्राउंड: 53 साल की रितु तावड़े घाटकोपर ईस्ट से दो बार (इस बार वार्ड 132 से) कॉर्पोरेटर चुनी गईं। वे बीजेपी की सीनियर लीडर हैं और मुंबई में पार्टी की मजबूत आवाज मानी जाती हैं। मेयर बनने के बाद उन्होंने कहा, “मुंबई का असली रंग भगवा है… हम शहर को और बेहतर बनाएंगे।”
संजय घाड़ी: शिवसेना (शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर, मघठाणे से चुने गए। डिप्टी मेयर का कार्यकाल 1.25 साल का होगा, क्योंकि शिवसेना ने टर्म को चार हिस्सों में बांटने का प्लान बनाया है ताकि कई नेताओं को मौका मिले।
विपक्ष की प्रतिक्रिया: शिवसेना UBT ने उम्मीदवार न उतारकर चुनाव से दूरी बनाई, जिससे महायुति की जीत आसान हो गई। विपक्षी खेमे में इसे “ठाकरे किले” के पतन के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेपी अध्यक्ष अमित सताम ने कहा, “44 साल का इंतजार खत्म… मुंबई अब विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।” यह BMC में महायुति की एकजुटता और BJP की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। अब नजरें इस बात पर हैं कि नई टीम BMC के 1 लाख करोड़+ बजट और शहर की चुनौतियों (ट्रैफिक, साफ-सफाई, फ्लडिंग) से कैसे निपटती है।
