RJD कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे, बोले ‘अब लोकतंत्र नहीं, डर-तंत्र चल रहा है’
RJD कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे, बोले ‘अब लोकतंत्र नहीं, डर-तंत्र चल रहा है’
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार पार्टी मुख्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और जोरदार नारों से भव्य स्वागत किया। तेजस्वी भावुक हो उठे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “यह मेरे लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैंने सबसे कम उम्र में बिहार का उप-मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचा था, लेकिन उसी दौरान मेरे चाचा नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ा और मेरे खिलाफ केस-मुकदमे करा दिए।”
तेजस्वी ने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, “2020 में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन सरकार नहीं बन सकी। 2025 का चुनाव भी हमने देखा। अब संगठन में मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है। हम बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करेंगे और एक बार फिर आरजेडी की सरकार बनाएंगे—यह मेरा सपना है।”
केंद्र और नीतीश सरकार पर तीखा हमला:
“आज के लोकतंत्र में ‘लोक’ गायब हो गया है, सिर्फ ‘तंत्र’ बचा है।”
“चुनाव खत्म होने से पहले ही फर्जी केस बनाकर लोगों को उठाया जाता है, झूठे आरोप लगाकर जेल भेज दिया जाता है।”
“आरजेडी कार्यकर्ताओं को भी जबरन परेशान किया गया, लेकिन अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”
“शेखपुरा के पूर्व विधायक को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मौजूदा सरकार लोकतंत्र नहीं, डर-तंत्र में बदल चुकी है।”
तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं से अपील की: “आरजेडी के सिपाही की तरह एकजुट होकर खड़े हों। हम डरने वाले नहीं हैं, न ही कमजोर हैं। सिर्फ समय कमजोर है। हम मिलकर इसे बदलेंगे।”
कार्यकर्ताओं ने “तेजस्वी लौट आए, बिहार की सरकार लौट आए” जैसे नारे लगाए। यह पहला मौका था जब तेजस्वी ने कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया।
क्या तेजस्वी यादव की यह जोश भरी शुरुआत 2025 के बाद बिहार में नई राजनीतिक हलचल पैदा करेगी? कमेंट में अपनी राय बताएं!
