उत्तराखंड

उत्तराखंड में दोहरी पेंशन घोटाला: 1377 रिटायर्ड कर्मचारियों पर शिकंजा, 970 की पेंशन रोकी, अब घर-घर जाकर होगी जांच, बड़ा एक्शन तय!

उत्तराखंड में दोहरी पेंशन घोटाला: 1377 रिटायर्ड कर्मचारियों पर शिकंजा, 970 की पेंशन रोकी, अब घर-घर जाकर होगी जांच, बड़ा एक्शन तय!

देहरादून: उत्तराखंड में पेंशन व्यवस्था में बड़ा घोटाला सामने आया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की डाटा विश्लेषण और क्रॉस वेरिफिकेशन में खुलासा हुआ कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त 1377 कर्मचारी अपनी नियमित सरकारी पेंशन के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का भी अवैध लाभ उठा रहे थे। नियमानुसार, रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र नहीं होते, लेकिन ये लोग आधार नंबर मिलान में पकड़े गए।

मुख्य खुलासे और कार्रवाई:

कुल मामले: 1377 (CAG ने आधार/UID नंबर से दोनों पेंशन डेटा का मिलान किया)।

एक्टिव मामले: 970 (समाज कल्याण विभाग ने इनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन तत्काल रोक दी)।

अन्य विवरण: प्रारंभिक जांच में 93 ऐसे मामले सामने आए जहां लाभार्थी की मौत हो चुकी थी, लेकिन पेंशन जारी थी; 314 मामले संदिग्ध पाए गए।

कार्रवाई: समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सूची सौंपी है। अब घर-घर जाकर फील्ड जांच होगी, पात्रता सत्यापन किया जाएगा। अपात्र पाए जाने पर पेंशन रिकवरी, कानूनी कार्रवाई और बड़ा एक्शन होगा। राज्य सरकार ने 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

वार्षिक नुकसान: ऐसे मामलों से सरकार को हर साल करीब 2.47 करोड़ रुपये का चूना लग रहा था (प्रति व्यक्ति 1500 रुपये मासिक पेंशन)।

समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी और निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन के दौरान दस्तावेज जांच होती है, लेकिन आधार लिंकिंग की कमी से यह खेल चल रहा था। अब सख्त निगरानी और रिकवरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह मामला राज्य आंदोलनकारियों और अन्य पेंशनधारियों को भी प्रभावित कर रहा है, जिसमें 565 राज्य आंदोलनकारी पेंशन लेने वाले शामिल हैं।

CAG की रिपोर्ट ने पेंशन सिस्टम की कमजोरियां उजागर की हैं, जिससे सरकार पर पारदर्शिता और सख्ती बढ़ाने का दबाव है। विभाग ने कहा कि अपात्र लाभार्थियों से बकाया राशि वसूली जाएगी और दोषियों पर FIR दर्ज हो सकती है। यह घोटाला उत्तराखंड की पेंशन व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

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