संसद में गूंजा अंकिता भंडारी और ‘मोहम्मद’ दीपक का मुद्दा: इमरान प्रतापगढ़ी ने शायराना अंदाज में सरकार को घेरा
संसद में गूंजा अंकिता भंडारी और ‘मोहम्मद’ दीपक का मुद्दा: इमरान प्रतापगढ़ी ने शायराना अंदाज में सरकार को घेरा
नई दिल्ली: राज्यसभा में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने बजट सत्र के दौरान शनिवार (या हालिया सत्र) में तीखे हमले किए और उत्तराखंड के दो प्रमुख विवादास्पद मामलों—अंकिता भंडारी हत्याकांड और कोटद्वार के ‘मोहम्मद दीपक’ (दीपक कुमार) विवाद—को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने शायराना अंदाज में सरकार पर तंज कसा और कहा कि अमन-चैन की बात करने वालों पर उल्टा मुकदमा दर्ज हो रहा है।
मुख्य बिंदु इमरान के भाषण से:
अंकिता भंडारी केस: इमरान ने सदन में कहा कि एक तरफ राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री मेज थपथपा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड की अभागी बेटी अंकिता भंडारी की इंसाफ की आवाजें मद्धम पड़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया—”वो कौन VIP था, जिसके लिए अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई?” उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में न्याय नहीं मिल रहा और सरकार इसे दबाने की कोशिश कर रही है।
मोहम्मद दीपक का मामला: कोटद्वार में एक युवक दीपक कुमार (जिन्हें ‘मोहम्मद दीपक’ कहा गया) ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार पर हमला करने वाली भीड़ का विरोध किया और खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताकर खड़ा हो गया। इमरान ने उनकी तारीफ की, कहा कि दीपक “मोहब्बत की रोशनी” हैं। लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। उन्होंने तंज कसा—”ये कैसा नया भारत है, जहां अमन की बात करने वालों पर केस चल रहा है।”
शायराना तंज: इमरान ने कहा—”जुल्म सहने से भी जालिम की मदद होती है।” उन्होंने Epstein फाइल्स का जिक्र कर मोदी सरकार पर कटाक्ष किया कि नेहरू को गाली देने वाले अब एप्स्टीन के साथ जुड़ रहे हैं।
यह भाषण राज्यसभा में काफी वायरल हो रहा है, जिसमें इमरान ने नफरत फैलाने वालों, हेट स्पीच और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मुद्दों को भी जोड़ा। विपक्ष इसे सरकार की “दोहरी नीति” के खिलाफ बड़ा हमला बता रहा है, जबकि उत्तराखंड के BJP सांसद चुप्पी साधे हुए हैं।
घटना ने एक बार फिर अंकिता भंडारी केस (2022 में रिसॉर्ट मैनेजर और BJP नेता से जुड़े आरोप) और हाल के कोटद्वार विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया है, जहां सामाजिक न्याय और अमन की बात पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
