उत्तरी जापान में भीषण बर्फबारी, 35 लोगों की गई जान!
उत्तरी जापान में भीषण बर्फबारी, 35 लोगों की गई जान!
जापान के उत्तरी और समुद्र तट वाले इलाकों में जनवरी के अंत से जारी रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी ने तबाही मचा दी है। फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के अनुसार, 20 जनवरी से अब तक भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगहों पर बर्फ की चादर 4.5 मीटर (15 फीट) तक जमा हो गई है, जिससे घरों में फंसना, छत गिरना, दिल का दौरा और सफाई के दौरान दुर्घटनाएं आम हो गई हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
निगाता प्रीफेक्चर — सबसे ज्यादा 12 मौतें। यहां कई लोग छत से बर्फ हटाते समय गिरे या दिल का दौरा पड़ने से मरे। एक 50 साल के व्यक्ति की छत पर लेटी लाश मिली।
अकिता — 7 मौतें।
यामागाटा — 5 मौतें।
आओमोरी — 4 मौतें, जहां 91 साल की बुजुर्ग महिला घर के बाहर 3 मीटर बर्फ के ढेर में दबकर मर गईं।
अन्य क्षेत्रों जैसे होक्काइडो, इवाते आदि में भी
क्यों इतनी मौतें?
ज्यादातर मौतें सीधे बर्फ से नहीं, बल्कि सेकेंडरी प्रभावों से हुईं—छत साफ करते समय गिरना, दिल का दौरा (शारीरिक मेहनत से), सड़क दुर्घटनाएं, बर्फ से फंसना और इमरजेंसी पहुंच में देरी। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में लोग घरों में कैद हो गए, जहां बिजली-पानी की समस्या भी बढ़ी।
सरकार का रेस्पॉन्स
जापान सरकार ने सेल्फ-डिफेंस फोर्स (सेना) को तैनात किया है। सैनिक बर्फ हटाने, फंसे लोगों को निकालने और बुजुर्गों की मदद कर रहे हैं। मौसम विभाग ने और भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है, साथ ही भूस्खलन और छत से बर्फ गिरने का खतरा बताया है। कई शहरों में ट्रेन-बस सेवाएं ठप, फ्लाइट्स कैंसल और हजारों यात्री फंसे हैं।
रिकॉर्ड टूटे
आओमोरी और अन्य इलाकों में 40-80 साल पुराने बर्फबारी रिकॉर्ड टूटे। होक्काइडो में सैप्पोरो जैसे शहरों में 180 सेमी+ बर्फ जमा हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से ऐसे असामान्य मौसम पैटर्न बढ़ रहे हैं।
यह जापान के लिए एक बड़ी चुनौती है—लोगों को सलाह दी जा रही है कि बर्फ साफ करते समय सावधानी बरतें, अकेले न निकलें और इमरजेंसी नंबर पर संपर्क रखें। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि कई इलाके अभी भी कटे हुए हैं।
