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बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना को लगा बड़ा झटका, कोर्ट ने भ्रष्टाचार केस में सुनाई 10 साल की सजा

बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना को लगा बड़ा झटका, कोर्ट ने भ्रष्टाचार केस में सुनाई 10 साल की सजा

ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक बार फिर भ्रष्टाचार के मामले में करारा झटका लगा है। ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-4 ने सोमवार (2 फरवरी 2026) को दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में उन्हें कुल 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक मामले में 5 साल की सजा दी गई है, जो कुल मिलाकर 10 साल बनती है। यह फैसला ट्रायल इन एब्सेंटिया (अनुपस्थिति में) सुनाया गया, क्योंकि हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद देश छोड़कर भाग चुकी हैं और भारत में शरण लिए हुए हैं।

मामले पुरबाचल न्यू टाउन प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, जो ढाका के बाहरी इलाके में राजधानी उन्नयन कर्तृपक्ष (RAJUK) द्वारा चलाया गया सरकारी आवासीय प्रोजेक्ट है। एंटी-करप्शन कमीशन (ACC) ने आरोप लगाया था कि हसीना ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर नियमों का उल्लंघन करते हुए खुद, परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के लिए 6 प्लॉट अवैध रूप से हासिल किए। इनमें उनके भतीजे रदवान मुजीब सिद्दीक, भतीजियां तुलिप रिजवाना सिद्दीक (ब्रिटिश सांसद) और अजमीना सिद्दीक शामिल हैं।

कोर्ट ने हसीना के अलावा अन्य आरोपियों को भी सजा सुनाई:

तुलिप सिद्दीक को प्रत्येक मामले में 2 साल, कुल 4 साल की सजा।

रदवान मुजीब सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक को प्रत्येक मामले में 7 साल, कुल 14 साल की सजा।

जज मुहम्मद रबीउल आलम ने दोपहर करीब 12:30 बजे फैसला सुनाया। यह सजा नवंबर 2025 में इसी प्रोजेक्ट से जुड़े तीन अन्य भ्रष्टाचार मामलों में मिली 21 साल की सजा के अलावा है। कुल मिलाकर हसीना पर अब कई मामलों में सजाएं हो चुकी हैं, जिसमें क्राइम्स अगेंस्ट ह्यूमैनिटी केस में डेथ सेंटेंस भी शामिल है।

हसीना और उनके परिवार ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। तुलिप सिद्दीक ने कहा कि वे बांग्लादेशी नागरिक नहीं हैं, इसलिए उन्हें कोई प्लॉट नहीं मिला। उन्होंने फैसले को खारिज किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला अंतरिम सरकार और BNP के लिए राजनीतिक फायदा दे सकता है, क्योंकि चुनाव नजदीक हैं। हसीना के खिलाफ कई मामले चल रहे हैं, और बांग्लादेश सरकार उनकी प्रत्यर्पण की मांग कर रही है।

यह घटना बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा मोड़ है, जहां हसीना की 15 साल की सत्ता के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों में सजाएं हो रही हैं। फैंस और समर्थक इसे अन्याय बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे न्याय की जीत मान रहा है। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या हसीना भारत से प्रत्यर्पित होंगी या कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

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