उत्तराखंड

अंकिता भंडारी हत्याकांड: 8 फरवरी को देहरादून परेड ग्राउंड में महापंचायत, तैयारियां जोरों पर – ‘वीआईपी कौन?’ का नारा गूंजा

अंकिता भंडारी हत्याकांड: 8 फरवरी को देहरादून परेड ग्राउंड में महापंचायत, तैयारियां जोरों पर – ‘वीआईपी कौन?’ का नारा गूंजा

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उत्तराखंड में आंदोलन फिर तेज हो गया है। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से 8 फरवरी 2026 को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली महापंचायत की तैयारियां तेज हो गई हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों, राज्य आंदोलनकारियों, जन सरोकारों से जुड़े ग्रुप्स और राजनीतिक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक में रणनीति तैयार की गई। बैठक में 40 से अधिक संगठनों ने हिस्सा लिया, जिसमें विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पहले ही महापंचायत का समर्थन किया है और अंकिता को पूर्ण न्याय दिलाने की मांग उठाई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा भी बैठक में मौजूद रहे। संगठनों ने संकल्प लिया कि महापंचायत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जाएगा। इसके लिए अनुशासन और सुरक्षा समिति का गठन किया गया है।

मुख्य मांगें और नारे:

उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार से कम से कम दो व्यक्ति महापंचायत में शामिल हों।

मामले की जांच सीबीआई से हो, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में।

‘वीआईपी कौन?’ का नारा प्रमुखता से उठाया जा रहा है, जिसमें कथित रूप से शामिल उच्च पदस्थ व्यक्ति का नाम उजागर करने की मांग है।

कमला पंत (अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की सदस्य) ने कहा कि सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति तो कर दी है, लेकिन आंदोलनकारी इसे पर्याप्त नहीं मान रहे। वे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच चाहते हैं ताकि कोई पक्षपात न हो और पूर्ण सच्चाई सामने आए। लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने भी महापंचायत का समर्थन किया है और इसे पहाड़ की बेटियों की अस्मिता की लड़ाई बताया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारी संख्या में जुटने की अपील की है।

पृष्ठभूमि: 2022 में रिषिकेश के वनांतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। मुख्य आरोपी पुलकित आर्या (पूर्व बीजेपी नेता के बेटे) सहित तीनों को 2025 में दोषी ठहराया गया था। हाल ही में नए आरोपों (वीआईपी एंगल, सबूत नष्ट करने) के बाद जनवरी 2026 में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की, लेकिन आंदोलनकारी इसे अपर्याप्त बता रहे हैं और महापंचायत के माध्यम से दबाव बढ़ा रहे हैं।

महापंचायत सुबह 11 बजे शुरू होगी। संगठन इसे जन आंदोलन का निर्णायक चरण बता रहे हैं, जहां न्याय, पारदर्शिता और महिलाओं की सुरक्षा पर जोर रहेगा। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और प्रशासन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रहा है।

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