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फरवरी 2026 में बारिश कम, तापमान सामान्य से ऊपर: IMD का ताजा अलर्ट, रबी फसलों पर खतरा मंडराया

फरवरी 2026 में बारिश कम, तापमान सामान्य से ऊपर: IMD का ताजा अलर्ट, रबी फसलों पर खतरा मंडराया

जनवरी के आखिरी दिनों में उत्तर भारत में जबरदस्त ठंड और कोहरे का दौर रहा, लेकिन अब फरवरी की शुरुआत के साथ मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जनवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फरवरी महीने का मासिक पूर्वानुमान जारी किया है। IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पूरे देश में फरवरी 2026 की बारिश सामान्य से कम (81% से कम LPA) रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों सामान्य से ऊपर रहेंगे।

मुख्य हाइलाइट्स IMD फरवरी 2026 पूर्वानुमान से:

बारिश: देशभर में मासिक वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) का 81% से कम रहने का अनुमान। उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली आदि) में 78% से कम LPA की बारिश संभावित।

अधिकांश हिस्सों में कम बारिश, लेकिन उत्तर-पश्चिम, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व के कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक या सामान्य बारिश हो सकती है।

हिमालय क्षेत्र में सर्दियों की बारिश/बर्फबारी घटने की संभावना, जो जलवायु परिवर्तन से जुड़ी है।

तापमान: न्यूनतम तापमान ज्यादातर इलाकों में सामान्य से ऊपर (दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर)। अधिकतम तापमान भी ज्यादातर जगहों पर ऊपर रहेगा, मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय के कुछ क्षेत्रों में सामान्य।

ठंड लहर के दिन कम होने की उम्मीद, खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में।

रबी फसलों पर असर: गेहूं-जौ में समय से पहले पकने का खतरा

डॉ. महापात्र ने चेतावनी दी कि ऊंचे तापमान और कम बारिश से रबी फसलों (गेहूं, जौ आदि) पर बुरा असर पड़ सकता है।

फसलें समय से पहले पक सकती हैं, जिससे बालियां में दाने ठीक से नहीं बनेंगे।

दाने हल्के रहेंगे, पैदावार में कमी आएगी।

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तेजी से फसल विकास और छोटी अवधि वाली समस्या हो सकती है।

मौजूदा अपडेट (1 फरवरी 2026 से शुरुआत)

फिलहाल 1 से 3 फरवरी तक पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) में हल्की-मध्यम बारिश/बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम/मध्य भारत के मैदानी इलाकों में छिटपुट बारिश संभव। उसके बाद 5-7 फरवरी में एक और विक्षोभ प्रभावित कर सकता है। लेकिन पूरे महीने में कुल मिलाकर सूखा-सा पैटर्न रहेगा।

किसानों को सलाह: सिंचाई का इंतजाम मजबूत रखें, फसलों की निगरानी बढ़ाएं। मौसम विभाग की वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर नियमित अपडेट चेक करें।

फरवरी 2026 गर्म और सूखा रहने वाला है—ठंड से राहत मिलेगी, लेकिन फसलों और पानी की कमी से सावधान रहें!

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