Saturday, September 12, 2026
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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य क्या है? SIT गठित, जांच में इंजेक्शन और सोशल मीडिया पोस्ट पर फोकस

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य क्या है? SIT गठित, जांच में इंजेक्शन और सोशल मीडिया पोस्ट पर फोकस

राजस्थान के जोधपुर में प्रसिद्ध युवा कथावाचक और भजन गायिका साध्वी प्रेम बाईसा (उम्र 23-25 वर्ष) की 28 जनवरी 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे संत समाज और लाखों अनुयायियों को झकझोर दिया है। मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन पिता वीरमनाथ (गुरुजी) का आरोप है कि एक गलत इंजेक्शन लगने के महज 30 सेकंड बाद उनकी बेटी की हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। पुलिस ने इसे ‘अननैचुरल डेथ’ का केस दर्ज किया है और आज (31 जनवरी) पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया है।

मौत कैसे हुई? मुख्य तथ्य

28 जनवरी शाम: अजमेर से कथा कार्यक्रम कर लौटने के बाद साध्वी को सांस लेने में तकलीफ हुई।

आश्रम में ही एक कंपाउंडर (देवी सिंह) ने उन्हें इंजेक्शन दिया (कुछ रिपोर्ट्स में कई इंजेक्शन दिए जाने की बात कही गई है)।

तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्राक्ष अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 5:30 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी पूरी नहीं आई, विसरा सैंपल जयपुर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।

आश्रम में CCTV कैमरे लगाने की वायरिंग थी, लेकिन कैमरे कभी इंस्टॉल नहीं किए गए—यह भी जांच का हिस्सा।

रहस्य के मुख्य पहलू

मौत के 3-4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट: साध्वी के ऑफिशियल अकाउंट से एक पोस्ट आया, जिसमें ‘अग्निपरीक्षा’ का जिक्र था और संतों से इंसाफ की मांग की गई। यह कथित सुसाइड नोट जैसा लग रहा है। पुलिस जांच कर रही है कि मौत के बाद अकाउंट किसने एक्सेस किया।

6 महीने पुराना ब्लैकमेलिंग कांड: पिछले साल एक एडिटेड वीडियो वायरल हुआ था, जिससे साध्वी को बदनाम करने की कोशिश हुई। उनके पिता और कुछ रिपोर्ट्स में इसे मौत से जोड़ा जा रहा है—क्या कोई साजिश थी?

इंजेक्शन एंगल: कंपाउंडर से पूछताछ हुई, उसने कई इंजेक्शन देने की बात कबूली। SIT अब दवाओं की प्रकृति, मात्रा और मेडिकल एडवाइस की जांच कर रही है—क्या मेडिकल नेग्लिजेंस या कुछ और?

SIT जांच का अपडेट

9 सदस्यीय SIT (कुछ रिपोर्ट्स में 3 सदस्यीय भी बताया गया) का नेतृत्व एसीपी छवि शर्मा कर रही हैं। टीम में बोरनाडा थाना इंचार्ज शकील अहमद और साइबर एक्सपर्ट शामिल।

जांच के दायरे में: इंजेक्शन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स, डिजिटल फॉरेंसिक (फोन और सोशल मीडिया), आश्रम के लोग, परिवार और पुराना वीडियो कांड।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सभी एंगल से निष्पक्ष जांच होगी।

साध्वी प्रेम बाईसा पश्चिमी राजस्थान में अपनी सरल कथाओं और भजनों के लिए जानी जाती थीं। उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, और मौत के बाद शोक की लहर है। लेकिन सवाल अभी अनुत्तरित हैं—क्या यह हादसा था, नेग्लिजेंस, सुसाइड या कोई बड़ी साजिश? SIT की रिपोर्ट से ही पर्दा उठेगा। मामले पर नजर बनी हुई है—अधिक जानकारी आने पर अपडेट किया जाएगा।

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