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लखनऊ यूनिवर्सिटी में UGC नियमों पर जोरदार प्रदर्शन: सवर्ण समाज भड़का, यूपी के कई जिलों में सड़कें जाम

लखनऊ यूनिवर्सिटी में UGC नियमों पर जोरदार प्रदर्शन: सवर्ण समाज भड़का, यूपी के कई जिलों में सड़कें जाम

यूजीसी (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस) रेगुलेशंस 2026 के खिलाफ विरोध अब तेज हो गया है। लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने गेट नंबर 1 पर जोरदार प्रदर्शन किया, जहां सैकड़ों छात्रों ने नए नियमों को “काला कानून” बताते हुए वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए – “UGC नियम वापस लो, शिक्षा बचाओ” और “सवर्ण छात्र असुरक्षित हैं”। यह प्रदर्शन सरस्वती प्रतिमा स्थल और परिवर्तन चौक पर भी फैला, जहां शाम 4 बजे से बड़ा आंदोलन शुरू हुआ।

क्यों भड़का सवर्ण समाज?

ये नियम 13 जनवरी 2026 को UGC द्वारा अधिसूचित किए गए थे, जिनका मकसद उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव (खासकर SC/ST/OBC के खिलाफ) रोकना है। नियमों में अनिवार्य किया गया है:

हर संस्थान में इक्विटी कमेटी और इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर बनाना।

24/7 हेल्पलाइन और शिकायत निवारण तंत्र।

OBC को भी शामिल कर भेदभाव की परिभाषा विस्तारित करना।

दुरुपयोग साबित होने पर भी झूठी शिकायतों के लिए सजा का प्रावधान नहीं (पुराने 2012 नियमों से हटाया गया)।

सवर्ण (जनरल कैटेगरी) छात्र और संगठन इसे “एंटी-ब्राह्मण” और “एंटी-सवर्ण” बता रहे हैं। उनका आरोप है कि ये नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों को “संभावित अपराधी” बनाते हैं, फर्जी शिकायतों से उत्पीड़न होगा, और कैंपस में जातिगत तनाव बढ़ेगा। कई जगहों पर प्रदर्शनकारी कह रहे हैं – “अगर SC/ST/OBC के लिए कमेटी है, तो जनरल के लिए क्यों नहीं?”

यूपी के जिलों में फैला विरोध

लखनऊ: यूनिवर्सिटी गेट पर छात्रों का धरना, BJP के स्थानीय नेता इस्तीफे दे रहे हैं।

बरेली: सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद ब्राह्मण समाज सड़कों पर।

मेरठ, हापुड़, सहारनपुर: घरों पर पोस्टर लगे – “यह सवर्ण का घर है, BJP नेता वोट मांगने न आएं”।

जौनपुर, देवरिया, मिर्जापुर: करणी सेना और सवर्ण आर्मी ने कलेक्ट्रेट तक मार्च किया, 2027 में “विदाई” की चेतावनी।

वाराणसी: जिला मुख्यालय पर सड़क जाम।

दिल्ली: UGC हेडक्वार्टर के बाहर सवर्ण सेना का घेराव, पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठ गए।

राजनीतिक असर

UP में BJP के कई नेता (युवा मोर्चा, किसान मोर्चा) इस्तीफे दे चुके हैं।

BJP MLA प्रतीक भूषण ने भी विरोध जताया।

कुमार विश्वास ने कहा – “मैं आभागा सवर्ण, रोंया-रोंया उखाड़ लो”।

सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर, नियमों को चुनौती।

शिक्षा मंत्रालय और UGC स्पष्टीकरण देने की तैयारी में, लेकिन विरोधी इसे “मंडल 2.0” बता रहे हैं।

प्रदर्शन अब दिल्ली, लखनऊ से यूपी के कई जिलों तक फैल चुका है। छात्र और सवर्ण संगठन बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं, जबकि UGC का कहना है कि नियम सिर्फ समानता और सुरक्षित कैंपस के लिए हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है – क्या ये नियम वापस होंगे या विरोध और बढ़ेगा?

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