रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति की उम्मीद: पुतिन की ट्रंप के विशेष दूत और दामाद संग क्रेमलिन में रातभर बैठक, अबू धाबी में त्रिपक्षीय वार्ता आज
रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति की उम्मीद: पुतिन की ट्रंप के विशेष दूत और दामाद संग क्रेमलिन में रातभर बैठक, अबू धाबी में त्रिपक्षीय वार्ता आज
रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुश्नर के साथ क्रेमलिन में पूरी रात चली बैठक की। क्रेमलिन के मुताबिक, यह बैठक उपयोगी रही और इसमें युद्धविराम तथा शांति समझौते पर चर्चा हुई। हालांकि, कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं हुआ, लेकिन आज अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों की पहली त्रिपक्षीय बैठक होने वाली है, जो युद्ध खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बैठक के बाद कहा, “यह चर्चा हर मायने में उपयोगी थी। बैठक में पिछले साल अलास्का के एंकोरेज में ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन में तय फॉर्मूले के अनुसार क्षेत्रीय मुद्दों को हल करने पर जोर दिया गया। बिना क्षेत्रीय समस्या सुलझाए लंबे समय तक शांति की उम्मीद नहीं की जा सकती।” बैठक में अमेरिकी पक्ष से विटकॉफ और कुश्नर के अलावा जोश ग्रुएनबाउम भी शामिल थे, जो ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के सीनियर सलाहकार हैं। यह बैठक तीन घंटे से ज्यादा चली, जो युद्ध के चौथे साल में शांति की नई उम्मीद जगा रही है।
अमेरिकी पक्ष ने बैठक को सकारात्मक बताया। ट्रंप प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, कुश्नर ने दिसंबर 2025 में पुतिन से मुलाकात की थी, और यह दौरा उसकी निरंतरता है। ट्रंप ने चुनाव जीतने के बाद वादा किया था कि वे युद्ध को जल्द खत्म करेंगे, और यह बैठक उसी दिशा में कदम है। वहीं, रूस का जोर पूर्वी यूक्रेन के उन इलाकों पर है, जिन्हें उसने अवैध रूप से कब्जा किया है लेकिन पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सका। क्रेमलिन ने साफ कहा कि कीव को इन इलाकों से अपनी सेना हटानी होगी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर समझौता नहीं करेंगे। अबू धाबी वार्ता में हम अपनी शर्तें रखेंगे।” अबू धाबी में आज होने वाली त्रिपक्षीय बैठक युद्ध की शुरुआत के बाद पहली ऐसी वार्ता होगी, जिसमें तीनों पक्ष आमने-सामने होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की मध्यस्थता से युद्ध खत्म हो सकता है, लेकिन क्षेत्रीय विवाद बड़ा रोड़ा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब युद्ध चार साल पूरे करने वाला है, और लाखों लोगों की जान जा चुकी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अबू धाबी वार्ता की सफलता की कामना कर रहा है। क्या यह युद्ध वाकई खत्म होगा? आगे की अपडेट्स पर नजर रहेगी।
