‘काम पूरा करो वर्ना…’: मुरशिदाबाद में बंगाल के ऊर्जा मंत्री अखरुज्जमान ने महिला चुनाव अधिकारी को दी धमकी, वीडियो वायरल—SIR सुनवाई में उठा विवाद
‘काम पूरा करो वर्ना…’: मुरशिदाबाद में बंगाल के ऊर्जा मंत्री अखरुज्जमान ने महिला चुनाव अधिकारी को दी धमकी, वीडियो वायरल—SIR सुनवाई में उठा विवाद
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के दौरान एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के ऊर्जा राज्य मंत्री और रघुनाथगंज के TMC विधायक अखरुज्जमान (Akhruzzaman) पर एक महिला चुनाव अधिकारी को धमकाने का आरोप लगा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री एक SIR सुनवाई केंद्र में महिला अधिकारी और ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) से बहस करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में मंत्री कहते सुनाई दे रहे हैं: “काम पूरा करो वर्ना…” (काम पूरा करो वरना…), और आगे उन्होंने 15 मिनट का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो “एक भी अधिकारी को यहां नहीं रहने देंगे”। आरोप है कि उन्होंने महिला अधिकारी को “बीजेपी एजेंट” कहकर उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाया और लंबी कतारों में इंतजार कर रहे आम लोगों की परेशानी का हवाला दिया।
क्या है पूरा मामला?
घटना मुरशिदाबाद जिले में SIR सुनवाई कैंप के दौरान हुई, जहां मतदाता सूची संशोधन के लिए लोग लाइन में लगे थे।
मंत्री निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन लंबी कतार और तुरंत राहत न मिलने से नाराज हो गए।
उन्होंने BDO और महिला अधिकारी को समय सीमा में काम निपटाने की धमकी दी।
NDTV, India Today और आज तक जैसी मीडिया रिपोर्ट्स में वीडियो का जिक्र है, जहां मंत्री गुस्से में अधिकारी से बहस करते दिख रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
TMC का दावा: मंत्री सिर्फ आम लोगों की परेशानी सुना रहे थे, कोई धमकी नहीं दी।
BJP ने हमला बोला: “TMC फिर से चुनाव अधिकारी को धमका रही है। ममता बनर्जी सरकार में अधिकारी सुरक्षित नहीं।” BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर पोस्ट किया कि यह SIR विरोध का हिस्सा है।
यह घटना हाल के दिनों में TMC नेताओं की EC के खिलाफ आक्रामकता की कड़ी है। इससे पहले फरक्का MLA मनीरुल इस्लाम ने EC को “धरती के नीचे से शिकार कर लेंगे” और “सबक सिखाएंगे” जैसी धमकियां दी थीं। EC ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि बंगाल में उसके स्टाफ को “गंभीर धमकियां” मिल रही हैं, और CM ममता बनर्जी के बयानों से माहौल खराब हो रहा है।
SIR विवाद का बैकग्राउंड
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया मतदाता सूची में फर्जी नाम हटाने और नए जोड़ने के लिए चल रही है। TMC इसे “रोहिंग्या और बांग्लादेशी” को बचाने का बहाना बताकर विरोध कर रही है, जबकि EC इसे निष्पक्ष प्रक्रिया बता रहा है। राज्य में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह टकराव बढ़ता जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद EC और पुलिस से कोई आधिकारिक कार्रवाई की खबर नहीं है, लेकिन राजनीतिक तापमान चरम पर है। क्या यह सिर्फ एक मंत्री का गुस्सा था, या SIR के खिलाफ TMC की रणनीति का हिस्सा? समय बताएगा, लेकिन बंगाल में चुनावी माहौल पहले से ही गरम है!
