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सहारनपुर हत्याकांड: अमीन अशोक राठी ने मां, पत्नी और दो बेटों को 16 गोलियां मारीं, फिर खुद को दो—पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा, अवसाद और पिता की मौत का सदमा मुख्य वजह?

सहारनपुर हत्याकांड: अमीन अशोक राठी ने मां, पत्नी और दो बेटों को 16 गोलियां मारीं, फिर खुद को दो—पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा, अवसाद और पिता की मौत का सदमा मुख्य वजह?

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा थाना क्षेत्र में कौशिक विहार कॉलोनी में सोमवार-मंगलवार की रात (19-20 जनवरी) हुआ दिल दहला देने वाला सामूहिक हत्याकांड अब भी पूरे इलाके में सनसनी फैलाए हुए है। सरकारी कर्मचारी (सिंचाई विभाग में अमीन) अमीन अशोक राठी (42) ने अपनी मां विद्यावती (70-72), पत्नी अंजिता/अंजलिता (37-40), और दो नाबालिग बेटों कार्तिक (15-16) व देव (13-14) को बेहद करीब से सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद खुद को दो गोलियां मारकर आत्महत्या कर ली। कुल 18 राउंड फायरिंग हुई—परिवार के चार सदस्यों पर 16 गोलियां (प्रत्येक पर चार-चार), और खुद पर दो।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (22 जनवरी को सामने आई) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

सभी शव एक ही कमरे में मिले, लेकिन पुलिस जांच में अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग का पैटर्न सामने आया।

घाव सिर और छाती पर, नजदीकी से फायर किए गए—कुछ दीवारों पर भी खून के छींटे।

तीन देसी कट्टे बरामद हुए, जो लाइसेंस रहित थे।

पुलिस जांच में सामने आया चौंकाने वाला बैकग्राउंड

अशोक राठी पिता की मौत का सदमा सालों से नहीं झेल पाया था। वह गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में था।

2022 और 2025 में उसने परिवार को स्लीपिंग पिल्स देकर मारने की कोशिश की थी।

चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टर ने परिवार को पहले ही चेतावनी दी थी कि वह कभी भी घातक कदम उठा सकता है।

घटना से ठीक पहले (लगभग 3 बजे) उसने बहन मोहिनी को वॉइस नोट भेजा: “मैंने बहुत बड़ी गलती कर दी” (I made a big mistake)। कुछ रिपोर्ट्स में ATM पिन भी शेयर करने का जिक्र है।

घर का गेट अंदर से बंद था, पड़ोसियों ने सूचना दी तो दीवार पर सीढ़ी लगाकर पुलिस अंदर गई।

पुलिस का स्टैंड और आगे की जांच

SSP अशीष तिवारी ने कहा कि मामला मर्डर-सुइसाइड का लग रहा है, लेकिन सभी एंगल जांच रहे हैं—कर्ज, पारिवारिक विवाद या अन्य कोई बाहरी फैक्टर?

बहनोई जयवीर की तहरीर पर अशोक के खिलाफ ही हत्या का मुकदमा दर्ज।

फॉरेंसिक टीम ने साइट से सबूत जुटाए, CCTV और मोबाइल रिकॉर्ड्स की जांच जारी।

यह घटना उत्तर प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य, अवसाद और परिवारों में छिपे दर्द को फिर उजागर कर रही है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार बाहर से सामान्य लगता था, लेकिन अंदरूनी तनाव गहरा था। पुलिस अब परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर रही है—क्या यह सिर्फ अवसाद था, या कोई और वजह?

परिवार के इस अंत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। क्या समाज समय रहते ऐसे संकेतों को पहचान पाएगा?

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