राहुल गांधी को रायबरेली दौरे पर मिला भावुक तोहफा: दादा फिरोज गांधी का दशकों पुराना ‘खोया’ ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा गया!
राहुल गांधी को रायबरेली दौरे पर मिला भावुक तोहफा: दादा फिरोज गांधी का दशकों पुराना ‘खोया’ ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा गया!
रायबरेली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मंगलवार (20 जनवरी 2026) अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान एक बेहद भावुक और ऐतिहासिक तोहफा मिला। उन्हें अपने दादा और पूर्व सांसद फिरोज गांधी का वर्षों से खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा गया। यह लाइसेंस दशकों तक एक स्थानीय परिवार द्वारा सुरक्षित रखा गया था और अब गांधी परिवार को लौटाया गया।
कैसे मिला लाइसेंस?
यह घटना रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट (Rae Bareli Premier League) के उद्घाटन के दौरान हुई।
आयोजन समिति के सदस्य विकास सिंह ने मंच पर राहुल गांधी को यह लाइसेंस सौंपा।
विकास सिंह ने बताया: “कई साल पहले रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान मेरे ससुर को यह ड्राइविंग लाइसेंस मिला था। उन्होंने इसे सुरक्षित रखा। उनके निधन के बाद मेरी सास ने भी इसे संभाल कर रखा। जब हमें पता चला कि राहुल गांधी रायबरेली आ रहे हैं, तो हमने इसे उन्हें सौंपना अपना कर्तव्य समझा।”
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया:
राहुल गांधी ने लाइसेंस को ध्यान से देखा।
तुरंत इसकी एक फोटो खींचकर व्हाट्सएप के जरिए अपनी मां सोनिया गांधी को भेजी।
यह पल परिवार के लिए बेहद भावुक था, क्योंकि फिरोज गांधी का रायबरेली से गहरा जुड़ाव रहा है। फिरोज गांधी 1952 और 1957 में रायबरेली से सांसद चुने गए थे और 7 सितंबर 1960 को उनका निधन हो गया था।
फिरोज गांधी और रायबरेली का कनेक्शन:
फिरोज गांधी (जन्म: दिसंबर 1912) ने भारत के पहले आम चुनाव (1952) में रायबरेली से जीत हासिल की थी।
वे जवाहरलाल नेहरू के दामाद और इंदिरा गांधी के पति थे।
फिरोज गांधी के निधन के बाद इंदिरा गांधी ने रायबरेली का प्रतिनिधित्व किया, और बाद में यह सीट गांधी-नेहरू परिवार की ‘कर्मभूमि’ बनी रही।
राहुल गांधी के लिए यह लाइसेंस सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि परिवार और रायबरेली के बीच दशकों पुराने भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक है।
दौरे का बैकग्राउंड:
राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली में हैं (19-20 जनवरी 2026)।
उन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया, मनरेगा चौपाल में मजदूरों से संवाद किया और स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिले।
यह दौरा ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान के तहत भी महत्वपूर्ण है, जहां राहुल केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
यह घटना सोशल मीडिया और मीडिया में काफी वायरल हो रही है – एक तरफ राजनीतिक दौरा, दूसरी तरफ परिवार का पुराना ‘खोया हुआ’ खजाना लौटना। गांधी परिवार और रायबरेली का यह भावुक पल लोगों को छू गया!
