अश्लील वीडियो मामले में कर्नाटक के सस्पेंडेड DGP रामचंद्र राव की नौकरी जा सकती है! गृह मंत्री परमेश्वर ने दिया बर्खास्तगी का संकेत, जांच जारी
अश्लील वीडियो मामले में कर्नाटक के सस्पेंडेड DGP रामचंद्र राव की नौकरी जा सकती है! गृह मंत्री परमेश्वर ने दिया बर्खास्तगी का संकेत, जांच जारी
बेंगलुरु: कर्नाटक में बड़ा पुलिस स्कैंडल! डीजीपी (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) डॉ. के. रामचंद्र राव को अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था, अब उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जांच के बाद बर्खास्तगी (dismissal from service) भी हो सकती है।
क्या है पूरा मामला?
19 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर 47 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रामचंद्र राव को वर्दी में ऑफिस के चैंबर में एक या कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक/अश्लील हरकतें करते दिखाया गया।
वीडियो में उन्हें महिलाओं को गले लगाते, किस करते और अन्य अनुचित व्यवहार करते देखा जा सकता है।
वीडियो के वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने तुरंत जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “किसी बड़े अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।”
सरकार का एक्शन:
19 जनवरी की रात DPAR (Department of Personnel and Administrative Reforms) ने आदेश जारी कर रामचंद्र राव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
सस्पेंशन ऑर्डर में कहा गया: “वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स से संतुष्टि है कि रामचंद्र राव ने अश्लील तरीके से व्यवहार किया, जो सरकारी कर्मचारी के लिए अशोभनीय है और सरकार को शर्मिंदगी हुई है।”
उल्लंघन: All India Services (Conduct) Rules, 1968 के नियम 3 का।
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा: “जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई होगी। Dismissal भी संभव है। हमने तेजी से एक्शन लिया है।”
रामचंद्र राव का पक्ष:
अधिकारी ने आरोपों से इनकार किया।
उन्होंने कहा: “वीडियो फर्जी, मॉर्फ्ड और AI से बनाया गया है। यह मेरी छवि खराब करने की साजिश है।”
सस्पेंशन के बाद वे गृह मंत्री के घर पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने वीडियो को “झूठा” बताया।
पिछली विवादास्पद पृष्ठभूमि:
रामचंद्र राव पहले भी सुर्खियों में रहे – उनकी सौतेली बेटी रान्या राव (कन्नड़ अभिनेत्री) पर सोने की तस्करी मामले में गिरफ्तारी हुई थी।
इससे पहले भी वे सस्पेंड हो चुके थे, लेकिन बाद में बहाल हुए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
विपक्ष (BJP) ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, कहा कि पुलिस महकमे में नैतिक पतन।
मंत्री परमेश्वर ने कहा: “कोई भी कानून से ऊपर नहीं। जांच निष्पक्ष होगी।”
जांच अभी चल रही है – अगर वीडियो असली साबित हुए, तो IPS अधिकारी की बर्खास्तगी तक जा सकती है। यह कर्नाटक पुलिस के लिए बड़ा झटका है। क्या होगी अंतिम कार्रवाई? जांच रिपोर्ट पर सब निर्भर!
