काशीपुर किसान आत्महत्या प्रकरण: निलंबित एसओ कुंदन सिंह रौतेला की ACR कैसे वायरल हुई? अब STF करेगी जांच, DGP दीपम सेठ ने दिए आदेश
काशीपुर किसान आत्महत्या प्रकरण: निलंबित एसओ कुंदन सिंह रौतेला की ACR कैसे वायरल हुई? अब STF करेगी जांच, DGP दीपम सेठ ने दिए आदेश
देहरादून/काशीपुर: उत्तराखंड पुलिस में बड़ा हड़कंप! उधम सिंह नगर के काशीपुर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या मामले में निलंबित आईटीआई थाना के पूर्व एसओ कुंदन सिंह रौतेला की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसमें बागेश्वर के तत्कालीन पुलिस कप्तान अक्षय कोंडे ने रौतेला को प्रतिकूल प्रवृष्टि (Adverse Remark) दी थी और जिले से बाहर तैनात करने की सिफारिश की थी। अब DGP दीपम सेठ ने इस गोपनीय दस्तावेज के लीक होने की जांच एसटीएफ (Special Task Force) को सौंपी है।
क्या है ACR और क्यों गोपनीय?
ACR (Annual Confidential Report) पुलिस अधिकारियों की सालाना गोपनीय रिपोर्ट होती है, जिसमें प्रदर्शन, आचरण और क्षमता का मूल्यांकन होता है।
यह डिजिटल रूप से सुरक्षित सिस्टम में रखी जाती है, जिसका एक्सेस सिर्फ अधिकृत अधिकारियों और कर्मचारियों को होता है।
DGP दीपम सेठ ने कहा: “ACR बेहद गोपनीय दस्तावेज है। कोई अनधिकृत व्यक्ति इसे एक्सेस नहीं कर सकता। इसका सोशल मीडिया पर प्रसारित होना गंभीर साइबर सुरक्षा उल्लंघन है।”
ACR कैसे बाहर आई? जांच के फोकस
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि यह अनधिकृत डेटा एक्सेस या साइबर हैक से हुआ हो सकता है।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने एसटीएफ कुमाऊं यूनिट को जांच सौंपी है।
जांच में शामिल होगा:
किसके पास ACR का एक्सेस था?
डिजिटल सिस्टम में कोई ब्रिच या लीक हुआ?
सोशल मीडिया पर वायरल होने का माध्यम क्या था? (स्क्रीनशॉट, हैक, या आंतरिक लीक?)
एसएसपी भुल्लर ने कहा: “सभी तथ्यों और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच होगी।”
किसान सुखवंत सिंह का पूरा मामला
40 वर्षीय सुखवंत सिंह (काशीपुर, पैगा गांव) ने 10-11 जनवरी 2026 की रात हल्द्वानी (काठगोदाम, गौलापार) के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
मौत से पहले उन्होंने फेसबुक लाइव वीडियो बनाया, जिसमें:
4 करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
प्रॉपर्टी डीलरों (अमरजीत सिंह, आशीष चौहान, कुलविंदर सिंह आदि) पर ठगी का इल्जाम।
उत्तराखंड पुलिस पर मानसिक उत्पीड़न, शिकायतों पर कार्रवाई न करने और मिलीभगत का गंभीर आरोप।
कहा: “पुलिस पर भरोसा नहीं, CBI जांच हो। बॉडी पार्ट्स बेचकर SSP को पैसे दे दो।”
वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया।
कार्रवाई:
आईटीआई थाना एसओ कुंदन सिंह रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट निलंबित।
पैगा चौकी समेत 10 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर।
26 आरोपियों पर FIR (धोखाधड़ी, उकसावा, उत्पीड़न)।
5 सदस्यीय SIT गठित (STF IG नीलेश आनंद भार्ने की अगुवाई में)।
मजिस्ट्रेट जांच (कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत)।
कांग्रेस ने DGP से मुलाकात कर SSP सस्पेंड और CBI जांच की मांग की।
सोशल मीडिया पर ACR वायरल होने से क्यों हंगामा?
ACR में प्रतिकूल टिप्पणी होने से रौतेला की छवि पर सवाल।
किसान के आरोपों के बीच यह लीक पुलिस सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
अगर लीक आंतरिक है, तो विभाग में भ्रष्टाचार या बदले की भावना का संकेत।
एसटीएफ की जांच से जल्द साफ होगा कि गोपनीय ACR कैसे लीक हुई। यह मामला उत्तराखंड पुलिस की आंतरिक सुरक्षा और किसानों की जमीन धोखाधड़ी जैसी बड़ी समस्या को उजागर कर रहा है। जांच पूरी होने तक सस्पेंस बरकरार!
