उत्तराखंड

नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में उत्तराखंड अव्वल: छोटे राज्यों में प्रथम स्थान, सीएम धामी ने कहा—ऐतिहासिक उपलब्धि, रोजगार और निवेश बढ़ेगा

नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में उत्तराखंड अव्वल: छोटे राज्यों में प्रथम स्थान, सीएम धामी ने कहा—ऐतिहासिक उपलब्धि, रोजगार और निवेश बढ़ेगा

नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स (EPI) 2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया है। राज्य ने 52.07 अंक प्राप्त कर जम्मू-कश्मीर (51.08), नागालैंड (46.42), दादरा-नागर हवेली एवं दमन-दीव (46.24) जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि राज्य की निर्यात-उन्मुख नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे, उद्योग-अनुकूल कारोबारी माहौल और निर्यात को बढ़ावा देने वाली सतत कोशिशों का परिणाम है।

नीति आयोग ने रिपोर्ट में कहा कि निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है—यह विदेशी मुद्रा कमाता है, ग्लोबल वैल्यू चेन में भागीदारी बढ़ाता है और व्यापार घाटे को कम करने में मदद करता है। EPI 2024 FY22 से FY24 की अवधि को कवर करता है और चार मुख्य स्तंभों—नीति एवं सुशासन, निर्यात अवसंरचना, औद्योगिक एवं नवाचार इकोसिस्टम, निर्यात प्रदर्शन—के साथ 70 संकेतकों पर आधारित है। रिपोर्ट Deloitte के सहयोग से तैयार की गई।

सीएम धामी का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड का शीर्ष स्थान प्राप्त करना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह हमारी सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात को बढ़ावा देने की लगातार कोशिशों का नतीजा है।”

सीएम ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों (जैसे हर्बल प्रोडक्ट्स, हैंडीक्राफ्ट, ऑर्गेनिक फूड) को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग

बड़े राज्यों में महाराष्ट्र (68.01) पहले, तमिलनाडु (64.41) दूसरे और गुजरात (64.02) तीसरे स्थान पर। उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर है।

छोटे राज्यों/NE/UTs में उत्तराखंड पहले, उसके बाद जम्मू-कश्मीर और नागालैंड।

यह रैंकिंग राज्य को नए निवेश और औद्योगिक विस्तार के लिए मजबूत स्थिति में लाती है। नीति आयोग का मानना है कि राज्यों की निर्यात क्षमता बढ़ाने से भारत की वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी मजबूत होगी।

संक्षेप में, उत्तराखंड की यह उपलब्धि पहाड़ी राज्य की आर्थिक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर साबित करती है—नीति आयोग के इंडेक्स में टॉप पर पहुंचना वाकई ऐतिहासिक है!

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