सरयू स्नान, हनुमानगढ़ी दर्शन और रामलला का दिव्य विशेष श्रृंगार… अयोध्या में भव्य आस्था का संगम, मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई गई
सरयू स्नान, हनुमानगढ़ी दर्शन और रामलला का दिव्य विशेष श्रृंगार… अयोध्या में भव्य आस्था का संगम, मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई गई
राम की पावन नगरी अयोध्या में मकर संक्रांति का पर्व आज आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु सरयू घाटों पर पहुंचे, जहां पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी में भव्य दर्शन और फिर राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला के विशेष श्रृंगार और दर्शन का आनंद लिया।
मंदिर प्रशासन और प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, सरयू स्नान के लिए करीब 5 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। सुबह 4 बजे से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। योगी सरकार द्वारा विकसित घाटों पर चेंजिंग रूम, शौचालय, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। नगर निगम ने 24×7 सफाई व्यवस्था लागू की, जिसमें 960 मेला कर्मी और 528 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात रहे।
रामलला का विशेष श्रृंगार और भोग
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला का आज दिव्य और विशेष श्रृंगार किया गया। रामलला के साथ बालक राम और राम दरबार में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। राम मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्था प्रभारी गोपाल जी राव ने बताया कि मकर संक्रांति पर रामलला को भव्य भोग लगाया गया, जिसमें डेढ़ क्विंटल खिचड़ी का प्रसाद शामिल था। श्रद्धालुओं ने रामलला को पतंग और अन्य विशेष भेंट अर्पित कीं। दर्शन के बाद भाव-विभोर श्रद्धालु प्रसाद लेकर लौटे।
हनुमानगढ़ी और अन्य मंदिरों में रौनक
सरयू स्नान के बाद श्रद्धालु हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे, जहां भव्य दर्शन हुए। आसपास के जिलों—अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोंडा, बस्ती—से बड़ी संख्या में भक्त आए। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि रामलला के दर्शन के बाद ठंड भी भूल गए।
सुरक्षा और व्यवस्था
पुलिस और प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के इंतजाम किए। पार्किंग, ट्रैफिक और मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं। यह पर्व उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है, जहां सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है।
संक्षेप में, अयोध्या में मकर संक्रांति ने आस्था का अद्भुत संगम दिखाया—सरयू में डुबकी, रामलला के दर्शन और विशेष श्रृंगार ने सभी के मन को छू लिया। राम नगरी की दिव्यता आज और बढ़ गई!
