संसद की रक्षा कमिटी करेगी अयोध्या दौरा: राहुल गांधी भी सदस्य, राम मंदिर दर्शन का कार्यक्रम
संसद की रक्षा कमिटी करेगी अयोध्या दौरा: राहुल गांधी भी सदस्य, राम मंदिर दर्शन का कार्यक्रम
संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee on Defence) जल्द अयोध्या का दौरा करेगी। इस 32 सदस्यीय समिति में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी शामिल हैं। दौरे के दौरान सदस्य राम मंदिर (रामलला) के दर्शन करेंगे और कैंट (छावनी) क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। यह दौरा प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के ठीक बाद हो रहा है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
दौरे का कार्यक्रम और महत्व
समिति की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद राधामोहन सिंह कर रहे हैं।
समिति 17 जनवरी से शुरू होकर कोच्चि, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम होते हुए 22 जनवरी को वाराणसी में बैठक करेगी।
वाराणसी दौरा खत्म होने के बाद 23 जनवरी 2026 को सदस्य अयोध्या पहुंचेंगे। यहां राम मंदिर दर्शन के अलावा कैंट इलाके का निरीक्षण होगा, क्योंकि यह रक्षा मंत्रालय से जुड़ा क्षेत्र है।
कुछ सदस्यों ने SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया में व्यस्तता के कारण अनुपस्थिति की मंजूरी मांगी है।
कांग्रेस का कहना है कि मंदिर दर्शन का कार्यक्रम आधिकारिक नहीं है, लेकिन रिपोर्ट्स में इसे शामिल बताया गया है।
राहुल गांधी की भूमिका और अटकलें
राहुल गांधी इस कमिटी के सदस्य हैं, इसलिए वे दौरा कर सकते हैं। अगर वे जाते हैं, तो यह 2016 के बाद उनका पहला अयोध्या दौरा होगा (जब उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए थे)।
गांधी परिवार ने प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) में हिस्सा नहीं लिया था, जिससे सवाल उठे थे। अब यह दौरा कांग्रेस की ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ छवि मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।
बीजेपी ने तंज कसा: “राहुल गांधी सिर्फ फोटो और पब्लिसिटी के लिए जाएंगे। प्राण प्रतिष्ठा के दो साल बाद भी 125 किमी दूर अयोध्या नहीं गए। पहले विदेशी दौरों से लौटें।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस ने कहा कि राहुल सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, और दौरा आधिकारिक जिम्मेदारी से जुड़ा है।
यह दौरा बिहार, यूपी जैसे राज्यों में राजनीतिक संदेश दे सकता है, जहां राम मंदिर भावनात्मक मुद्दा है।
राहुल की अनुपस्थिति या उपस्थिति दोनों ही सियासी बहस छेड़ सकती है।
यह दौरा संसदीय जिम्मेदारी के साथ धार्मिक महत्व का मिश्रण है। क्या राहुल गांधी रामलला के दर्शन करेंगे? अपडेट्स के लिए नजर रखें। क्या आपको लगता है यह राजनीतिक कदम है या आस्था? कमेंट्स में बताएं!
