तेहरान अस्पताल के बाहर शवों का ढेर: ईरान विरोध प्रदर्शनों में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा, सामने आई हैरान करने वाली तस्वीरें और वीडियो
तेहरान अस्पताल के बाहर शवों का ढेर: ईरान विरोध प्रदर्शनों में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा, सामने आई हैरान करने वाली तस्वीरें और वीडियो
ईरान की राजधानी तेहरान में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच अस्पतालों और मोर्ग (शवगृह) में स्थिति बेहद भयावह हो गई है। कई विश्वसनीय स्रोतों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षाबलों की बर्बर कार्रवाई से सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, जिसके कारण अस्पतालों में शवों का ढेर लग गया है। सोशल मीडिया पर लीक हुए वीडियो और तस्वीरें दिखाती हैं कि कहरीज़क फॉरेंसिक मेडिकल सेंटर (Kahrizak Forensic Medical Center) के बाहर और अंदर काले बॉडी बैग में लाशें बिछी हुई हैं, जहां परिवार वाले रोते-बिलखते अपने अपनों को ढूंढ रहे हैं।
क्या दिख रही हैं तस्वीरें और वीडियो?
कहरीज़क मोर्ग के बाहर और वेयरहाउस में दर्जनों (कुछ रिपोर्ट्स में सैकड़ों) बॉडी बैग पड़े हुए हैं। कुछ बैग खुले हैं, जहां लोग चेहरों को देखकर पहचानने की कोशिश कर रहे हैं।
परिवार वाले ज़मीन पर बैठे रो रहे हैं, कुछ बेहोश होकर गिर पड़े हैं। महिलाएं और पुरुष अपनों के नाम पुकार रहे हैं।
वीडियो में पिकअप ट्रकों से शव लाए जाते दिख रहे हैं। कई शवों पर खून के निशान और गोली लगने के घाव साफ दिखाई दे रहे हैं।
ये फुटेज 8-11 जनवरी 2026 के आसपास के हैं, जब इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद Starlink और अन्य तरीकों से बाहर लीक हुए।
ये तस्वीरें CNN, BBC, The Guardian, Independent और Iran International जैसे मीडिया ने वेरिफाई की हैं। मानवाधिकार ग्रुप्स जैसे HRANA और Iran Human Rights ने इन्हें “मास क्राइम” और “वॉर क्राइम” बताया है।
मौतों का आंकड़ा और कारण
HRANA (US-based): 544+ मौतें (490+ प्रदर्शनकारी, 48+ सुरक्षाबल), 10,000+ गिरफ्तारियां।
Tehran hospitals: एक डॉक्टर ने TIME को बताया कि सिर्फ 6 अस्पतालों में 217+ मौतें दर्ज, ज्यादातर लाइव अम्यूनिशन से सिर/छाती में गोली।
अन्य रिपोर्ट्स: Ghadir Hospital, Alghadir Hospital, Farabi Eye Hospital और Poursina Hospital में मोर्ग ओवरफ्लो। शवों को प्रेयर रूम में एक-दूसरे पर स्टैक किया गया। आंखों में पेलेट्स लगने वाले 200-300 मरीज एक अस्पताल में।
सुरक्षाबलों ने लाइव फायर, पेलेट गन्स, टियर गैस और इलेक्ट्रिक शॉक का इस्तेमाल किया। कई युवा (20-25 साल) मारे गए, कुछ बच्चे भी शामिल।
प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 से महंगाई, आर्थिक संकट और दमन के खिलाफ शुरू हुए थे, अब 100+ शहरों में फैल चुके हैं। लोग “डेथ टू द डिक्टेटर” (खामेनेई के खिलाफ) नारे लगा रहे हैं।
सरकार का रुख और इंटरनेट ब्लैकआउट
ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों को “आतंकवादी” बताया और कहा कि मौतें “आर्म्ड टेररिस्ट्स” से हुईं। लेकिन स्टेट टीवी ने भी मोर्ग की तस्वीरें दिखाईं। इंटरनेट और फोन सेवाएं 7-8 जनवरी से बंद हैं, जिससे जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है। Nobel winner Shirin Ebadi ने “मासेकर” की चेतावनी दी थी।
ये मंजर ईरान में जारी क्रांति का दर्दनाक चेहरा दिखा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग बढ़ रही है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने पहले ही मदद की बात कही है। स्थिति और बिगड़ सकती है। सभी को शांति और न्याय की कामना।
