राष्ट्रीय

Blinkit डिलीवरी बॉय बनकर सड़कों पर उतरे राघव चड्ढा: गिग वर्कर्स की मेहनत समझने के लिए पहनी यूनिफॉर्म!

Blinkit डिलीवरी बॉय बनकर सड़कों पर उतरे राघव चड्ढा: गिग वर्कर्स की मेहनत समझने के लिए पहनी यूनिफॉर्म!

आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं! 12 जनवरी 2026 को उन्होंने Blinkit के डिलीवरी बॉय की यूनिफॉर्म पहनकर स्कूटी चलाई और दिल्ली की सड़कों पर सामान डिलीवर करते हुए नजर आए। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और लोग हैरान हैं कि एक सांसद ऐसा क्यों कर रहे हैं।

राघव चड्ढा ने अपने X (पूर्व Twitter) अकाउंट पर लिखा: “Away from boardrooms, at the grassroots. I lived their day. Stay tuned!” इसका मतलब साफ है — उन्होंने ये सब जानबूझकर किया ताकि गिग वर्कर्स (डिलीवरी पार्टनर्स) की असली मेहनत, चुनौतियां और दिक्कतों को करीब से समझ सकें और लोगों को दिखा सकें।

क्यों किया ये कदम?

राघव चड्ढा पिछले कुछ महीनों से गिग इकॉनमी के मुद्दों पर सक्रिय हैं। दिसंबर 2025 में एक Blinkit डिलीवरी बॉय हिमांशु थपलियाल का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बताया कि 15 घंटे काम, 28 डिलीवरी करने के बाद सिर्फ 763 रुपये कमाए।

राघव ने उस वीडियो पर संसद में मुद्दा उठाया, इसे “सिस्टेमैटिक एक्सप्लॉइटेशन” (व्यवस्थित शोषण) बताया और कम वेतन, लंबे घंटे, कोई सोशल सिक्योरिटी न होने और ऐल्गोरिदम प्रेशर पर जोर दिया।

इसके बाद उन्होंने हिमांशु को अपने घर लंच पर बुलाया और उनकी बात सुनी।

अब ये स्टंट (या अनुभव) उस मुद्दे को और मजबूती देने के लिए है — वो खुद एक दिन डिलीवरी बॉय बनकर समझना चाहते थे कि ये लोग क्या झेलते हैं: ट्रैफिक, मौसम, टाइम प्रेशर, रेटिंग का डर और कम कमाई।

राघव चड्ढा ने पहले भी राज्यसभा में प्राइवेट बिल पेश किया था, जिसमें क्विक कॉमर्स ऐप्स (Blinkit, Zepto आदि) पर रेगुलेशन की मांग की गई थी। उनका कहना है कि ये वर्कर्स “इनविजिबल व्हील्स” हैं जो अर्थव्यवस्था चलाते हैं, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और उचित कमाई नहीं मिलती।

ये कदम गिग वर्कर्स के अधिकारों के लिए एक बड़ा मैसेज है — नेता सिर्फ बात नहीं करते, बल्कि खुद अनुभव करके बदलाव की मांग करते हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं, कुछ इसे “ग्राउंड लेवल पॉलिटिक्स” कह रहे हैं!

आप क्या सोचते हैं — ये स्टंट सही है या सिर्फ पब्लिसिटी? कमेंट में बताएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *