थलापति विजय से CBI की मैराथन पूछताछ: 10 मिनट का लंच ब्रेक, शाम 7 बजे तक सवालों की बौछार!
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के फाउंडर थलापति विजय आज दिल्ली में CBI मुख्यालय पहुंचे, जहां करूर भगदड़ मामले में उनसे लंबी पूछताछ शुरू हो गई। 27 सितंबर 2025 को करूर जिले के वेलुसामीपुरम में TVK की पहली बड़ी रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा घायल हुए थे। ये घटना तमिलनाडु की हाल की सबसे बड़ी भीड़ त्रासदियों में से एक है, और अब CBI जांच में विजय से रैली की पूरी प्लानिंग पर सवाल किए जा रहे हैं।
पूछताछ का पूरा प्लान
विजय सुबह चार्टर्ड फ्लाइट से चेन्नई से दिल्ली पहुंचे और करीब 11 बजे CBI ऑफिस में एंट्री की।
पूछताछ 10 मिनट के लंच ब्रेक के साथ शाम 7 बजे तक चलने वाली है — यानी करीब 7-8 घंटे की मैराथन क्वेश्चनिंग!
मुख्य सवाल:
विजय रैली में 7 घंटे लेट क्यों पहुंचे? (नॉन-एराइवल टाइम 12 बजे था, पहुंचे शाम 7 बजे के आसपास)
भीड़ 12,000 की अनुमानित से कई गुना ज्यादा कैसे हो गई?
पुलिस परमिशन, भीड़ कंट्रोल, ड्रिंकिंग वॉटर, वॉलंटियर्स और सेफ्टी इंतजामों में क्या कमी रही?
क्या पार्टी लीडर्स को भीड़ के बढ़ने की जानकारी थी और एंबुलेंस रोकने के आरोप सही हैं?
CBI पहले ही TVK के कई सीनियर लीडर्स (जैसे बसी आनंद, आदव अर्जुन, निर्मल कुमार) से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों और बैंडोबस्त प्लान को भी चेक किया गया है।
बैकग्राउंड और राजनीतिक असर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अक्टूबर 2025 में केस CBI को ट्रांसफर हुआ (पहले राज्य SIT जांच कर रही थी)।
TVK का कहना है कि ये DMK सरकार की साजिश है — बड़े वेन्यू नहीं दिए, इमरजेंसी सर्विसेज रोकी गईं।
DMK और AIADMK दोनों ने शुरुआत में TVK पर हमला किया, लेकिन अब CBI जांच पर चुप्पी है।
ये घटना 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले TVK के लिए बड़ा झटका है — पार्टी का पहला बड़ा इवेंट ही ट्रेजडी में बदल गया। अगर CBI TVK को जिम्मेदार ठहराती है, तो राजनीतिक करियर पर बड़ा असर पड़ सकता है।
विजय ने पहले ही पीड़ित परिवारों को 20 लाख रुपये प्रत्येक की मदद का ऐलान किया था। TVK ने कहा है कि वो जांच में पूरा सहयोग करेगी।
आप क्या सोचते हैं — ये जांच TVK को मजबूत बनाएगी या कमजोर? कमेंट में बताएं!
