‘मरते दम तक लड़ेंगे, बेटी को न्याय चाहिए’: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने CM धामी से SC जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की
‘मरते दम तक लड़ेंगे, बेटी को न्याय चाहिए’: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने CM धामी से SC जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की
देहरादून, 8 जनवरी 2026: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ आया है। अंकिता के माता-पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी ने बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर मुलाकात की और बेटी को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की। पिता वीरेंद्र भंडारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम मरते दम तक लड़ाई लड़ेंगे। हमें कोई सौदा नहीं चाहिए, सिर्फ न्याय चाहिए। वीवीआईपी कौन था, उसका नाम सामने आए और पूरी जांच निष्पक्ष हो।”
मुलाकात के दौरान अंकिता के माता-पिता काफी भावुक हो गए। उन्होंने CM को मामले की पूरी पीड़ा सुनाई और दो मुख्य मांगें रखीं:
मामले की CBI जांच हो।
जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो, ताकि वीआईपी की भूमिका का पता चल सके।
वीरेंद्र भंडारी ने कहा, “हमने कोई सौदा नहीं किया है। कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि हम चुप हो गए, लेकिन हम कभी नहीं झुकेंगे। बेटी ने अपनी इज्जत बचाने के लिए जान दे दी, हम भी लड़ेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि पूरे उत्तराखंड की जनता CBI जांच चाहती है।
CM धामी का आश्वासन: मुख्यमंत्री ने परिवार को सांत्वना दी और कहा कि न्याय सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। CM ने पहले ही कहा था कि अंकिता के माता-पिता की भावनाओं के अनुसार ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो वायरल किए, जिसमें कथित तौर पर वीआईपी की भूमिका का जिक्र है। उर्मिला से भी बुधवार को SIT ने कई घंटे पूछताछ की। पुलिस ने वीआईपी एंगल को खारिज किया है, लेकिन विपक्ष और सामाजिक संगठन CBI जांच की मांग पर अड़े हैं।
अंकिता भंडारी की हत्या सितंबर 2022 में हुई थी। रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को 2025 में उम्रकैद की सजा हुई, लेकिन वीआईपी एंगल अब फिर सुर्खियों में है। परिवार की यह मांग राज्य में प्रदर्शनों को और तेज कर सकती है। अब नजरें सरकार के अगले कदम पर हैं – क्या CBI जांच होगी या नहीं? यह सवाल पूरे उत्तराखंड में गूंज रहा है। अंकिता के लिए न्याय की लड़ाई जारी है।
