इंदौर के बाद हल्द्वानी में भी दूषित पेयजल का संकट: गांधीनगर सहित कई इलाकों में गंदा पानी, लोग बीमारियों के खतरे में
इंदौर के बाद हल्द्वानी में भी दूषित पेयजल का संकट: गांधीनगर सहित कई इलाकों में गंदा पानी, लोग बीमारियों के खतरे में
हल्द्वानी/देहरादून, 7 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से 10-20 लोगों की मौत और सैकड़ों बीमार पड़ने की त्रासदी के बाद अब उत्तराखंड के हल्द्वानी में भी पेयजल सप्लाई में गंदगी का मामला सामने आया है। शहर के गांधीनगर, बनभूलपुरा, इंडिरा नगर और आसपास के कई इलाकों में नलों से बदबूदार, कीचड़ युक्त और काला पानी आ रहा है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से पानी में अजीब बदबू और गंदगी आ रही है। गांधीनगर में तो स्थिति सबसे खराब है – यहां नलों से कीचड़ मिश्रित पानी निकल रहा है, जिसे पीने लायक नहीं माना जा सकता। लोग मजबूरन इसी पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं या महंगे बोतलबंद पानी पर निर्भर हो गए हैं। एक बच्चे की तबीयत बिगड़ने की खबर भी आई है, जो इंदौर जैसी घटना की याद दिलाती है। जल संस्थान के अधिकारियों ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पाइपलाइन में लीकेज या रखरखाव की कमी हो सकती है, लेकिन जांच चल रही है।
हल्द्वानी में करीब ढाई लाख लोग इस समस्या से प्रभावित बताए जा रहे हैं। जल संस्थान पर पुरानी पाइपलाइनों की सफाई न करने और समय पर मेंटेनेंस न करने के आरोप लग रहे हैं। इंदौर की घटना के बाद यहां लोग और सतर्क हो गए हैं – कई परिवारों ने नल का पानी उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ ने शिकायत दर्ज कराई है। प्रशासन ने टैंकरों से पानी सप्लाई बढ़ाने और सैंपल टेस्टिंग का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थानीय लोग कह रहे हैं कि समस्या पुरानी है और तुरंत समाधान चाहिए।
उत्तराखंड में सामने आया इंदौर जैसा …
यह संकट इंदौर की त्रासदी से जुड़कर पूरे देश में पेयजल गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइनों, सीवेज मिश्रण और रखरखाव की कमी से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। हल्द्वानी में जल्द जांच और सुधार की मांग तेज हो गई है – क्या प्रशासन समय रहते कदम उठाएगा या इंदौर जैसा हादसा दोहराएगा, यह देखना बाकी है। प्रभावित इलाकों के लोग सतर्क रहें और पानी उबालकर पीएं।
