टिकटॉक वीडियो से मस्जिद तोड़फोड़ तक: नेपाल के बीरगंज में सांप्रदायिक तनाव, कर्फ्यू लगाकर रक्सौल बॉर्डर सील
टिकटॉक वीडियो से मस्जिद तोड़फोड़ तक: नेपाल के बीरगंज में सांप्रदायिक तनाव, कर्फ्यू लगाकर रक्सौल बॉर्डर सील
बीरगंज (नेपाल)/रक्सौल (भारत): भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के बीरगंज शहर में सांप्रदायिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। एक टिकटॉक वीडियो से शुरू हुआ विवाद मस्जिद में तोड़फोड़ तक जा पहुंचा, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के प्रदर्शन हिंसक हो गए। पुलिस ने आंसू गैस का सहारा लिया, जबकि प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया। भारत ने भी सतर्कता बरतते हुए रक्सौल-बीरगंज बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है।
क्या हुआ पूरा मामला?
सब कुछ शुरू हुआ धनुषा जिले की कमला नगरपालिका में। दो मुस्लिम युवकों ने टिकटॉक पर कथित तौर पर हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो पोस्ट किया। इससे नाराज कुछ लोगों ने शनिवार को सखुवा मारन इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की और कुरान की प्रतियां जलाईं। वीडियो वायरल होने के बाद मुस्लिम समुदाय में गुस्सा भड़क उठा।
रविवार को बीरगंज में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारी टायर जलाकर सड़कें ब्लॉक करने लगे और नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पथराव में पुलिस पोस्ट को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
कर्फ्यू और बॉर्डर सील
हालात बेकाबू होते देख परसा जिला प्रशासन ने सोमवार को बीरगंज के प्रमुख इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया। यह कर्फ्यू मंगलवार दोपहर तक बढ़ा दिया गया है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।
भारत की ओर से भी हाई अलर्ट जारी है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने रक्सौल बॉर्डर को सील कर दिया। मैत्री पुल सहित सभी पॉइंट्स पर आवागमन रोक दिया गया है। केवल इमरजेंसी मामलों में अनुमति दी जा रही है। कई भारतीय व्यापारी और मजदूर बीरगंज में फंस गए हैं।
आगे क्या?
पुलिस ने मस्जिद तोड़फोड़ के आरोप में कई लोगों की तलाश शुरू की है, जबकि टिकटॉक वीडियो पोस्ट करने वाले युवकों को हिरासत में लिया गया है। दोनों समुदायों के नेता शांति की अपील कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य होने तक कर्फ्यू जारी रहेगा।
यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग और धार्मिक संवेदनशीलता का एक और उदाहरण है, जो सीमा पार दोनों देशों के लिए चिंता का विषय बन गई है। अब देखना यह है कि स्थिति जल्द सामान्य होती है या नहीं।
