‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऐसा हमला नहीं देखा’: मादुरो पर सफल ऑपरेशन के बाद ट्रंप का बड़ा दावा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी डिटेल्स
‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऐसा हमला नहीं देखा’: मादुरो पर सफल ऑपरेशन के बाद ट्रंप का बड़ा दावा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी डिटेल्स
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को ‘बंधक’ बनाने के दावे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज बयान दिया। ट्रंप ने कहा, “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद लोगों ने ऐसा हमला नहीं देखा। यह एक सफल सर्जिकल स्ट्राइक थी, जिसने एक नार्को-टेररिस्ट शासन को झटका दिया।” उन्होंने ऑपरेशन को ‘सफल और सटीक’ बताते हुए दावा किया कि मादुरो अब अमेरिकी हिरासत में हैं और उन पर ड्रग तस्करी, टेररिज्म और अमेरिका विरोधी साजिशों के आरोपों में ट्रायल होगा।
ट्रंप ने मार-ए-लागो में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने वेनेजुएला के लोगों को एक तानाशाह से मुक्ति दिलाई है। मादुरो का शासन ड्रग कार्टेल्स का गढ़ था, जो अमेरिका में मौत बांट रहा था। यह ऑपरेशन ‘ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर’ का चरम था, जिसमें डेल्टा फोर्स ने बिना किसी अमेरिकी हताहत के मिशन पूरा किया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ऐसा साहसिक और सटीक हमला नहीं देखा गया।”
ऑपरेशन की डिटेल्स:
ट्रंप ने बताया कि हमला 2 जनवरी की आधी रात को शुरू हुआ। डेल्टा फोर्स की टीमों ने काराकास के मिराफ्लोरेस पैलेस पर छापा मारा, जहां मादुरो छिपे थे।
एयरस्ट्राइक्स से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे डायवर्शन क्रिएट हुआ। फिर स्पेशल फोर्सेस ने मादुरो दंपति को पकड़ा और हेलिकॉप्टर से कैरेबियन सागर में तैनात यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड कैरियर तक ले जाया गया।
ट्रंप ने दावा किया कि ऑपरेशन में वेनेजुएला के 50 से अधिक सैनिक मारे गए, लेकिन नागरिक हताहत न्यूनतम रखे गए।
वेनेजुएला की स्थिति:
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में अराजकता फैल गई। उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने खुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया और इसे “अमेरिकी कब्जा” बताया।
काराकास में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, लेकिन कई जगहों पर लोग जश्न मना रहे हैं। सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है।
अमेरिका ने वेनेजुएला में विपक्षी नेता एडमुंडो गोंजालेज को समर्थन दिया और कहा कि जल्द नई सरकार बनेगी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
कोलंबिया: राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने निंदा की और कहा कि यह क्षेत्रीय युद्ध का खतरा पैदा कर रहा है।
रूस और चीन: दोनों ने इसे “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया और संयुक्त राष्ट्र में बैठक की मांग की।
अर्जेंटीना और ब्राजील: लैटिन अमेरिकी देशों ने अमेरिकी हस्तक्षेप की निंदा की, जबकि कुछ ने मादुरो के पतन का स्वागत किया।
भारत सहित कई देशों ने संयम की अपील की।
ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिका को ड्रग्स से बचाने और लोकतंत्र बहाल करने का कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना लैटिन अमेरिका में नई अस्थिरता ला सकती है और ट्रंप की विदेश नीति की आक्रामकता दिखाती है। फिलहाल वेनेजुएला में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
