वेनेजुएला पर अमेरिकी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से दुनिया दो फाड़: ट्रंप के दावे पर सहयोगी खुश, विरोधी भड़के; जानें किस देश ने क्या कहा
वेनेजुएला पर अमेरिकी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से दुनिया दो फाड़: ट्रंप के दावे पर सहयोगी खुश, विरोधी भड़के; जानें किस देश ने क्या कहा
वाशिंगटन/काराकास, 3 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला पर हवाई हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ‘बंधक’ बनाने के दावे ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। एक तरफ अमेरिका के सहयोगी देश इसे ‘तानाशाही का अंत’ बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लैटिन अमेरिकी देश, रूस, चीन और ईरान जैसे राष्ट्र इसे ‘साम्राज्यवादी आक्रमण’ और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने तत्काल डी-एस्केलेशन की अपील की है। यहां प्रमुख देशों की प्रतिक्रियाओं का ब्योरा:
कोलंबिया: राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने X पर लिखा, “वे बम और मिसाइलों से हमला कर रहे हैं… दुनिया को चेतावनी: वेनेजुएला पर हमला किया गया है।” उन्होंने इसे लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला बताया और सीमा पर सैन्य तैनाती की घोषणा की। पेट्रो ने कहा, “शांति, अंतरराष्ट्रीय कानून और जीवन की रक्षा सर्वोच्च होनी चाहिए।”
क्यूबा: राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने X पर इसे “राज्य आतंकवाद” करार दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल प्रतिक्रिया की मांग की। क्यूबा की विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “अमेरिका का यह हमला वेनेजुएला और पूरी ‘हमारी अमेरिका’ पर राज्य आतंकवाद है।”
चिली: राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने X पर चिंता जताते हुए कहा, “अमेरिका के सैन्य कार्रवाई की चिंता और निंदा करते हैं। वेनेजुएला संकट का हल शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का हवाला दिया।
मेक्सिको: राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने X पर कहा, “मेक्सिको वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप की निंदा करता है।” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता पर हमला अस्वीकार्य है।
ब्राजील: राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा ने X पर कहा, “वेनेजुएला पर बमबारी और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी अस्वीकार्य सीमा पार है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और लैटिन अमेरिका में हस्तक्षेप की बुरी याद दिलाता है।” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की।
ट्रिनिडाड और टोबैगो: प्रधानमंत्री कमला पर्साद-बिसेसार ने कहा, “ट्रिनिडाड और टोबैगो इन सैन्य कार्रवाइयों में शामिल नहीं है। हम वेनेजुएला के लोगों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखते हैं।”
ईरान: सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने X पर कहा, “जब दुश्मन देश पर कुछ थोपना चाहता है, तो दृढ़ता से विरोध करना चाहिए। हम दुश्मन को घुटनों पर लाएंगे।” विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
रूस: विदेश मंत्रालय ने कहा, “अमेरिका ने वेनेजुएला पर सशस्त्र आक्रमण किया है, जो गहरी चिंता और निंदा का विषय है।” उन्होंने डी-एस्केलेशन और संवाद की अपील की, साथ ही लैटिन अमेरिका को शांति क्षेत्र बनाए रखने की बात कही।
यूनाइटेड किंगडम: प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा, “मैं तथ्यों की पुष्टि करना चाहता हूं। मैं ट्रंप और सहयोगियों से बात करूंगा। ब्रिटेन शामिल नहीं है और हम अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हैं।”
यूरोपीय संघ: विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने X पर कहा, “ईयू वेनेजुएला की स्थिति पर नजर रख रहा है। हम शांतिपूर्ण संक्रमण का समर्थन करते हैं और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान जरूरी है।”
स्पेन: विदेश मंत्रालय ने डी-एस्केलेशन की अपील की और शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता की पेशकश की।
जर्मनी: विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम वेनेजुएला की स्थिति पर गहरी चिंता के साथ नजर रख रहे हैं और सहयोगियों से समन्वय कर रहे हैं।”
इटली: प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा, “हम वेनेजुएला की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।”
इंडोनेशिया: विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम डी-एस्केलेशन और संवाद की अपील करते हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान जरूरी है।”
चीन: विदेश मंत्रालय ने कहा, “चीन अमेरिका के संप्रभु देश पर बल प्रयोग से स्तब्ध है और इसकी कड़ी निंदा करता है। यह हेगेमोनी है जो लैटिन अमेरिका की शांति को खतरे में डालता है।”
फ्रांस: विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने X पर कहा, “मादुरो की गिरफ्तारी वाली सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के बल प्रयोग न करने के सिद्धांत का उल्लंघन है। कोई स्थायी समाधान बाहर से नहीं थोपा जा सकता।”
दक्षिण अफ्रीका: अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग ने कहा, “दक्षिण अफ्रीका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल बैठक की मांग करता है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है।”
अर्जेंटीना: राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने कहा, “यह तानाशाह के शासन का पतन है। स्वतंत्र दुनिया के लिए शानदार खबर है। एडमुंडो गोंजालेज को सत्ता संभालनी चाहिए।”
उक्रेन: विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा, “उक्रेन तानाशाही से मुक्त जीवन का समर्थन करता है। मादुरो ने सभी सिद्धांतों का उल्लंघन किया।”
बेलारूस: राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा, “यह दूसरा वियतनाम होगा और अमेरिकियों को इसकी जरूरत नहीं है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना लैटिन अमेरिका में अस्थिरता बढ़ा सकती है और संयुक्त राष्ट्र में गर्म बहस का कारण बनेगी। ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
