उत्तराखंड

अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी अफवाहों का खंडन, VIP संलिप्तता पूरी तरह खारिज

अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी अफवाहों का खंडन, VIP संलिप्तता पूरी तरह खारिज

देहरादून, 3 जनवरी 2026: उत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं, आधे-अधूरे तथ्यों और निराधार आरोपों के बीच आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे प्रकरण के तथ्यों को स्पष्ट किया। पुलिस ने दोहराया कि इस मामले में किसी भी प्रकार का कोई VIP संलिप्त नहीं है और यह तथ्य माननीय न्यायालय द्वारा भी स्वीकार किया जा चुका है।

मुख्य स्पष्टीकरण:

तीनों अभियुक्तों (पुलकित आर्य सहित) को न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। जांच में उपलब्ध साक्ष्यों, SIT की गहन विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत प्रमाणों के आधार पर यह सजा हुई।

किसी भी साक्ष्य को नष्ट या छिपाया नहीं गया। जिस कमरे को लेकर अफवाहें फैलाई गईं कि उसे साक्ष्य मिटाने के लिए तोड़ा गया, उसकी वीडियोग्राफी सहित सभी आवश्यक साक्ष्य तीनों न्यायालयों में विधिवत प्रस्तुत किए गए।

प्रारंभिक जांच में ही कुछ घंटों में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। वे आज भी जेल में हैं।

तथाकथित VIP एंगल की जांच में रिसोर्ट में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन पड़ताल की गई, लेकिन कोई VIP संलिप्त नहीं पाया गया।

रिसोर्ट के सभी कर्मचारियों से पूछताछ की गई और उनके बयान न्यायालय में दर्ज किए गए।

अभियुक्तों के कबूलनामा और घटनाक्रम:

पुलिस रिमांड में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अंकिता पर ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने का दबाव बनाया था। इनकार करने पर यह जघन्य अपराध किया गया।

कर्मचारियों ने पुष्टि की कि अंकिता मानसिक रूप से परेशान थी और रिसोर्ट छोड़ना चाहती थी, लेकिन उसे जबरन ले जाया गया। किसी ने उसकी सुरक्षित वापसी की पुष्टि नहीं की।

अभियुक्तों की निशानदेही पर ही शव बरामद किया गया, जो पूरी तरह विधिसम्मत प्रक्रिया से हुआ।

उर्मिला सनावर वाले ऑडियो पर कार्रवाई:

वायरल ऑडियो (उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर की कथित बातचीत) को गंभीरता से लेते हुए अलग SIT गठित की गई है, जो निष्पक्ष जांच कर रही है।

उर्मिला सनावर को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्हें जांच में सहयोग के लिए नोटिस जारी किए गए हैं, जिनका जवाब नहीं मिला।

उन्होंने पुलिस से सुरक्षा मांगी है, लेकिन पत्र में स्पष्ट पता नहीं दिया। पुलिस ने अपील की है कि वे जांच में सहयोग करें। यदि खतरे की आशंका साबित हुई तो पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी।

उनके खिलाफ कोई वारंट जारी नहीं है। मार्च 2025 के एक पुराने मामले में हाल ही में सम्मन जारी हुआ है, जिसका अंकिता प्रकरण से कोई संबंध नहीं।

पुलिस की अपील:

उत्तराखंड पुलिस ने मीडिया और जनता से अनुरोध किया कि यदि किसी के पास प्रकरण से जुड़ा कोई अतिरिक्त साक्ष्य या जानकारी है, तो वह पुलिस को उपलब्ध कराए।

पुलिस ने दोहराया कि जांच पूर्णतः निष्पक्ष, तथ्यपरक और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हुई है। किसी को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

पुलिस का कहना है कि अफवाहें और भ्रामक सूचनाएं मामले को भटकाने का प्रयास हैं। जांच के सभी तथ्य न्यायालय के समक्ष हैं और सजा भी हो चुकी है। जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस पर भरोसा रखें।

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