भारतीय फुटबॉल को बचा लो! स्टार खिलाड़ियों की FIFA से भावुक अपील, वीडियो वायरल
भारतीय फुटबॉल को बचा लो! स्टार खिलाड़ियों की FIFA से भावुक अपील, वीडियो वायरल
नई दिल्ली, 3 जनवरी 2026: भारतीय फुटबॉल के स्टार खिलाड़ियों ने मिलकर एक भावुक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने FIFA से हस्तक्षेप कर भारतीय फुटबॉल को बचाने की गुहार लगाई है। इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 सीजन अब तक शुरू नहीं हो सका है, जिससे सैकड़ों खिलाड़ी, स्टाफ और संबंधित लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने इसे ‘मानवीय, खेल और आर्थिक संकट’ करार दिया है।
वीडियो में भारतीय टीम के दिग्गज सुनील छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू, संदेश झिंगन, ललियांजुआला छांगते, प्रीतम कोटल, राहुल भेके, सुरेश सिंह वांगजाम और अमरिंदर सिंह समेत विदेशी खिलाड़ी ह्यूगो बुमूस, कार्लोस डेलगाडो और मिशेल जबाको नजर आए। गुरप्रीत सिंह संधू ने यह वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में खिलाड़ियों के मुख्य बयान:
गुरप्रीत सिंह संधू: “जनवरी आ गई है, हमें ISL में प्रतिस्पर्धी फुटबॉल खेलते हुए टीवी पर दिखना चाहिए था। इसके बजाय हम डर और निराशा से भरे हुए हैं।”
संदेश झिंगन: “भारतीय फुटबॉल का प्रशासन अब अपने जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ है। हम स्थायी लकवे की ओर बढ़ रहे हैं।”
ह्यूगो बुमूस: “हम FIFA से अपील करते हैं कि भारतीय फुटबॉल को बचाने के लिए जो जरूरी हो, करें।”
सुनील छेत्री: “खिलाड़ी, स्टाफ, मालिक और फैंस स्पष्टता, सुरक्षा और सबसे महत्वपूर्ण भविष्य के हकदार हैं। हम सिर्फ फुटबॉल खेलना चाहते हैं, कृपया हमारी मदद करें।”
खिलाड़ियों ने साफ कहा कि यह अपील राजनीतिक नहीं है, बल्कि जरूरत से उपजी है। उन्होंने FIFA से ज्यूरिख में बैठे अधिकारियों तक यह संदेश पहुंचने की उम्मीद जताई।
संकट की मुख्य वजह:
ISL का 2025-26 सीजन जुलाई 2025 से अनिश्चितता में है, क्योंकि AIFF और पूर्व पार्टनर FSDL के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट नवीनीकरण नहीं हुआ।
AIFF नए कमर्शियल पार्टनर नहीं ढूंढ पाया, जिससे लीग शुरू नहीं हो सकी।
13 ISL क्लबों ने शॉर्ट सीजन में भाग लेने की सहमति दी, लेकिन वित्तीय जिम्मेदारी और अन्य शर्तों पर स्पष्टता मांगी।
हजारों लोगों की आजीविका दांव पर, खिलाड़ी महीनों से बिना सैलरी के।
प्रतिक्रियाएं:
FIFPro और FPAI को भी टैग किया गया, जो खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अपील भारतीय फुटबॉल के इतिहास में दुर्लभ है, जहां खिलाड़ी सीधे FIFA से दखल मांग रहे हैं।
FIFA की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन दबाव बढ़ने से हस्तक्षेप की संभावना।
खिलाड़ियों की यह एकजुट अपील भारतीय फुटबॉल के भविष्य को बचाने की आखिरी कोशिश लग रही है। फैंस सोशल मीडिया पर #SaveIndianFootball ट्रेंड कर रहे हैं। स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।
