CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: जारी हुई मार्किंग स्कीम और महत्वपूर्ण डिटेल्स, छात्रों को जाननी चाहिए ये बातें
CBSE बोर्ड परीक्षा 2026: जारी हुई मार्किंग स्कीम और महत्वपूर्ण डिटेल्स, छात्रों को जाननी चाहिए ये बातें
नई दिल्ली, 3 जनवरी 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण अपडेट जारी किए हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। बोर्ड ने विषयवार मार्किंग स्कीम, थ्योरी-प्रैक्टिकल अंकों का विभाजन और नए प्रश्नपत्र पैटर्न की डिटेल्स सार्वजनिक की हैं। छात्रों को बेहतर तैयारी के लिए सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम भी उपलब्ध कराई गई है।
परीक्षा तिथियां और शेड्यूल:
कक्षा 10वीं: 17 फरवरी से शुरू, मार्च 2026 तक (रिवाइज्ड डेटशीट में कुछ बदलाव, जैसे 3 मार्च की परीक्षा अब 11 मार्च को)।
कक्षा 12वीं: 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक।
प्रैक्टिकल परीक्षाएं: 1 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक (स्कूलों को उसी दिन मार्क्स अपलोड करने के निर्देश)।
कक्षा 10वीं के लिए इस साल दो अवसर: पहला मुख्य परीक्षा (फरवरी-मार्च), दूसरा इम्प्रूवमेंट के लिए वैकल्पिक (मई-जून)।
मार्किंग सिस्टम और अंक विभाजन:
हर विषय में कुल 100 अंक (थ्योरी + प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट/इंटरनल असेसमेंट)।
उदाहरण:
विज्ञान विषय (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी): थ्योरी 70 अंक + प्रैक्टिकल 30 अंक।
कॉमर्स विषय (अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज): थ्योरी 80 अंक + प्रोजेक्ट 20 अंक।
मैथ्स, इंग्लिश आदि: ज्यादातर थ्योरी 80 अंक + इंटरनल 20 अंक।
बोर्ड ने सभी 83 (कक्षा 10) और 121 (कक्षा 12) विषयों की डिटेल्ड मार्किंग स्कीम जारी की है। आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in से डाउनलोड करें।
नया प्रश्नपत्र पैटर्न (कॉम्पिटेंसी बेस्ड):
बोर्ड ने रटंत विद्या की जगह कॉन्सेप्ट समझ और एप्लीकेशन पर फोकस बढ़ाया है।
कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों में:
50% अंक: कॉम्पिटेंसी बेस्ड प्रश्न (MCQ, केस स्टडी, सोर्स बेस्ड, डेटा इंटरप्रिटेशन, रियल लाइफ सिनेरियो)।
20% अंक: सिम्पल MCQ।
30% अंक: शॉर्ट/लॉन्ग आंसर टाइप (डिस्क्रिप्टिव)।
विशेष बदलाव: साइंस और सोशल साइंस पेपर में सेक्शनल डिवीजन (गलत सेक्शन में जवाब लिखने पर मार्क्स नहीं मिलेंगे)।
फिजिक्स (क्लास 12) उदाहरण: 33 अनिवार्य प्रश्न, 5 सेक्शन (MCQ, एसर्शन-रीजनिंग, शॉर्ट आंसर, केस स्टडी, लॉन्ग आंसर)।
अन्य महत्वपूर्ण नियम:
उपस्थिति: कम से कम 75% अटेंडेंस अनिवार्य।
पासिंग क्राइटेरिया: हर विषय में कम से कम 33% अंक (थ्योरी और प्रैक्टिकल अलग-अलग)।
सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम cbseacademic.nic.in पर उपलब्ध। छात्र इन्हें डाउनलोड कर प्रैक्टिस करें।
स्कूलों को प्रैक्टिकल मार्क्स समय पर अपलोड करने के सख्त निर्देश, गलती सुधारने का मौका नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नया पैटर्न छात्रों की एनालिटिकल स्किल्स मजबूत करेगा। तैयारी के लिए NCERT बुक्स, सैंपल पेपर और पिछले साल के प्रश्नों पर फोकस करें। बोर्ड ने छात्रों से तनाव न लेने और नियमित रिवीजन की सलाह दी है। पूरी डिटेल्स के लिए cbse.gov.in विजिट करें।
