‘अगर मैं जिंदा रहा तो लोकसभा में जरूर लौटूंगा’, बृजभूषण का बड़ा बयान – कैसरगंज सीट पर फिर दावा ठोका!
‘अगर मैं जिंदा रहा तो लोकसभा में जरूर लौटूंगा’, बृजभूषण का बड़ा बयान – कैसरगंज सीट पर फिर दावा ठोका!
लखनऊ/गोंडा, 1 जनवरी 2026: नए साल की शुरुआत में BJP के पूर्व सांसद और विवादित नेता बृजभूषण शरण सिंह ने सियासी हलचल मचा दी है। कैसरगंज लोकसभा सीट से 6 बार सांसद रहे बृजभूषण ने एक जनसभा में बड़ा बयान देते हुए कहा, “अगर मैं जिंदा रहा तो लोकसभा में जरूर लौटूंगा। कैसरगंज की जनता मुझे फिर मौका देगी।” उनका इशारा 2029 लोकसभा चुनाव की ओर था, जहां वे फिर टिकट की दावेदारी ठोक रहे हैं।
बृजभूषण ने गोंडा में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “मैंने कैसरगंज को दिल से चाहा है। विकास के काम किए, कुश्ती को आगे बढ़ाया। कुछ लोग साजिश करके मुझे रोकना चाहते हैं, लेकिन जनता का आशीर्वाद मेरे साथ है। अगर भगवान ने जिंदगी दी तो मैं फिर संसद में पहुंचूंगा और क्षेत्र की सेवा करूंगा।” उन्होंने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले का जिक्र किए बिना कहा कि “साजिशों” के बावजूद वे मजबूत हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बृजभूषण पर दिल्ली कोर्ट में चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। महिला पहलवानों बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट के आरोपों के बाद BJP ने 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया था और उनके बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया, जो भारी मतों से जीते। अब बृजभूषण का यह बयान पार्टी के लिए नई मुश्किल खड़ी कर सकता है।
BJP सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान बृजभूषण को दूर रखना चाहता है, क्योंकि महिला पहलवानों का मामला अभी लंबित है। लेकिन बृजभूषण ने कहा कि वे “सक्रिय राजनीति” में हैं और ठाकुर वोट बैंक पर मजबूत पकड़ रखते हैं। उन्होंने अपने बेटे करण को “अगली पीढ़ी” बताते हुए कहा कि दोनों मिलकर क्षेत्र का विकास करेंगे।
विपक्ष ने तुरंत हमला बोला। सपा प्रवक्ता ने कहा, “BJP अपराधियों को संरक्षण देती है। बृजभूषण जैसे लोग पार्टी की असलियत दिखाते हैं।” कांग्रेस ने भी इसे “महिला सुरक्षा पर तमाचा” बताया। वहीं, पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर लिखा, “न्याय की लड़ाई जारी है, कोई कितना भी दावा कर ले।”
बृजभूषण का यह बयान 2026 में होने वाले स्थानीय चुनावों और 2029 की तैयारी का संकेत है। कैसरगंज में उनका प्रभाव अभी भी है, लेकिन कानूनी पेचीदगियां उनकी राह में रोड़ा बन सकती हैं। नए साल पर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है – देखना होगा कि BJP उनका दावा मानेगी या नहीं!
