देहरादून एंजेल हत्याकांड: बर्थडे पार्टी से शुरू हुआ विवाद, गाली-गलौज और फिर जानलेवा हमला – पुलिस का नया खुलासा
देहरादून एंजेल हत्याकांड: बर्थडे पार्टी से शुरू हुआ विवाद, गाली-गलौज और फिर जानलेवा हमला – पुलिस का नया खुलासा
देहरादून, 30 दिसंबर 2025: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या ने पूरे देश को हिला दिया है। 9 दिसंबर को सेलाकुई इलाके में हुई इस घटना में एंजेल को गंभीर चोटें आईं, जिनसे 26 दिसंबर को अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस की ताजा जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि यह मामला एक बर्थडे पार्टी से शुरू हुआ विवाद था, जिसमें नशे और गलतफहमी ने हिंसा को जन्म दिया।
क्या हुआ था उस रात?
पुलिस के अनुसार, मणिपुर मूल के सूरज ख्वास ने अपने बेटे के पहले बर्थडे के लिए दोस्तों को बुलाया था। ग्रुप में अविनाश नेगी, यज्ञराज अवस्थी, सुमित कुमार और दो नाबालिग शामिल थे। वे शराब खरीदने सेलाकुई मार्केट पहुंचे। पार्टी के दौरान मजाक-मस्ती चल रही थी। तभी एंजेल चकमा और उनके छोटे भाई माइकल वहां से गुजरे।
ग्रुप ने एंजेल पर टिप्पणी की, जिसे गलतफहमी में लेते हुए विवाद शुरू हो गया। कहा-सुनी बढ़ी, गाली-गलौज हुई और फिर मारपीट। आरोपियों ने चाकू और कड़ा (ब्रेसलेट) से एंजेल पर हमला किया। सिर, गर्दन और रीढ़ पर गंभीर चोटें लगीं। चौंकाने वाली बात – हमले के बाद आरोपी मौके से भागे नहीं, बल्कि शराब खरीदकर पार्टी करते रहे। कुछ कई दिनों तक घर नहीं लौटे।
पुलिस का स्टैंड: नस्लीय हिंसा नहीं
देहरादून SSP अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि जांच में नस्लीय गाली या भेदभाव का कोई सबूत नहीं मिला। “यह नशे में हुआ आपसी झगड़ा था। मजाक को गलत समझा गया।” एक आरोपी मणिपुर का होने से भी नस्लीय एंगल कमजोर पड़ता है। हालांकि पीड़ित परिवार और पूर्वोत्तर संगठनों का दावा है कि एंजेल को “चीनी, चिंकी, मोमो” जैसे अपमानजनक शब्द कहे गए। एंजेल के आखिरी शब्द थे – “मैं भारतीय हूं”।
गिरफ्तारियां और फरार आरोपी
6 आरोपियों में 5 गिरफ्तार (दो नाबालिग सहित)।
मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी (नेपाल मूल) फरार। उसके लिए 25 हजार का इनाम, पुलिस टीम नेपाल भेजी गई।
टिपरा मोथा चीफ प्रद्योत देबबर्मा ने 10 लाख इनाम की घोषणा की।
राजनीतिक बवाल और प्रदर्शन
राहुल गांधी ने इसे “भयानक नफरत का अपराध” बताया, भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया। किरेन रिजिजू, शशि थरूर ने दुख जताया। त्रिपुरा में प्रदर्शन, कैंडल मार्च। NHRC ने नोटिस जारी कर पूर्वोत्तर छात्रों की सुरक्षा पर रिपोर्ट मांगी। CM धामी ने पिता से बात कर सख्त सजा का आश्वासन दिया।
यह मामला पूर्वोत्तर छात्रों के साथ भेदभाव की बड़ी बहस छेड़ चुका है। जांच जारी है, लेकिन सवाल बरकरार – क्या यह सिर्फ गलतफहमी थी या कुछ और?
