तुर्की का ऐतिहासिक कारनामा: AI ने उड़ाए दो लड़ाकू जेट, दुनिया की पहली पूर्ण स्वचालित क्लोज फॉर्मेशन फ्लाइट सफल
तुर्की का ऐतिहासिक कारनामा: AI ने उड़ाए दो लड़ाकू जेट, दुनिया की पहली पूर्ण स्वचालित क्लोज फॉर्मेशन फ्लाइट सफल
अंकारा: रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। तुर्की की प्रमुख डिफेंस कंपनी बायकार (Baykar) ने बड़ा दावा किया है कि उसके दो बिना पायलट वाले लड़ाकू जेट ‘बायरक्तार किज़िलेमा’ (Bayraktar Kizilelma) ने दुनिया की पहली पूरी तरह ऑटोनॉमस (स्वचालित) क्लोज फॉर्मेशन फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी की है। इस उड़ान में किसी भी मानव हस्तक्षेप के बिना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने दोनों जेट्स का संचालन किया।
किज़िलेमा तुर्की का महत्वाकांक्षी अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (UCAV) प्रोजेक्ट है, जो सुपरसोनिक स्पीड और स्टेल्थ फीचर्स से लैस है। कंपनी के अनुसार, दोनों जेट्स ने तुर्की के हवाई क्षेत्र में बेहद करीब दूरी बनाए रखते हुए सामूहिक उड़ान भरी। इस दौरान ऑनबोर्ड AI सिस्टम, सेंसर और रियल-टाइम डेटा शेयरिंग की मदद से दिशा, गति और ऊंचाई का परफेक्ट तालमेल बनाया गया। क्लोज फॉर्मेशन फ्लाइट ड्रोन तकनीक की सबसे जटिल चुनौतियों में से एक मानी जाती है, क्योंकि इसमें टक्कर से बचाव, सटीक समन्वय और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता जरूरी होती है।
बायकार के सीटीओ सेल्चुक बायरक्तार ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए इसे ‘नेशनल टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव’ का हिस्सा बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक किसी देश ने हथियारों से लैस जेट इंजन वाले अनमैन्ड फाइटर जेट्स के बीच इस स्तर की पूर्ण स्वचालित फॉर्मेशन फ्लाइट सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाई थी। यह उपलब्धि अमेरिका के X-62A VISTA जैसे प्रोजेक्ट्स से अलग है, जहां अक्सर मानव पायलट की निगरानी रहती है।
यह सफलता तुर्की को ड्रोन टेक्नोलॉजी में वैश्विक लीडर बनाती है। किज़िलेमा भविष्य में एयरक्राफ्ट कैरियर से ऑपरेट होने वाला पहला तुर्की अनमैन्ड फाइटर होगा। रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, AI आधारित स्वार्म फॉर्मेशन युद्ध के नियम बदल सकती है, जहां दर्जनों ड्रोन बिना मानव नियंत्रण के दुश्मन पर हमला कर सकते हैं। हालांकि, इससे नैतिक और सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठ रहे हैं, जैसे AI पर अंधाधुंध भरोसा और साइबर हमलों का खतरा।
तुर्की की यह कामयाबी वैश्विक रक्षा जगत में चर्चा का विषय बन गई है। आने वाले समय में AI पायलटेड फाइटर जेट्स युद्धक्षेत्र की हकीकत बन सकते हैं।
