उत्तराखंड विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: रुड़की सिविल अस्पताल के डाक्टर ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
उत्तराखंड विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: रुड़की सिविल अस्पताल के डाक्टर ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
देहरादून/रुड़की, 28 दिसंबर 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों पर उत्तराखंड सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम जोर पकड़ रही है। इसी कड़ी में विजिलेंस विभाग ने हरिद्वार के रुड़की सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर आभास सिंह को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। डॉक्टर मरीज की मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर यह रकम मांग रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, डॉ. आभास सिंह ने करीब 20 दिन पहले ही रुड़की सिविल अस्पताल ज्वॉइन किया था और उनकी ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगी हुई थी। एक मरीज के परिजन से उन्होंने रिपोर्ट बनाने के एवज में रिश्वत की मांग की। पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस स्थापना देहरादून से की। शिकायत मिलते ही विजिलेंस टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप लगाया। तय समय पर जैसे ही डॉक्टर ने 20,000 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें धर दबोचा।
इस कार्रवाई से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मरीज और स्टाफ में चर्चा का विषय बन गई यह घटना। विजिलेंस अधिकारियों ने डॉक्टर के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला दर्ज कर डॉक्टर को हिरासत में ले लिया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और विजिलेंस को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। इस साल विजिलेंस ने कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वतखोरी में पकड़ा है, जिससे विभागों में खौफ का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयां सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता लाने और जनता का विश्वास बहाल करने में मदद करेंगी। जांच जारी है और जल्द ही डॉक्टर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
