उत्तराखंड

अंकिता हत्याकांड पर सियासी घमासान: महेंद्र भट्ट पर बरसे गणेश गोदियाल, अनुसूचित जाति अपमान के आरोप पर दी कड़ी चुनौती

अंकिता हत्याकांड पर सियासी घमासान: महेंद्र भट्ट पर बरसे गणेश गोदियाल, अनुसूचित जाति अपमान के आरोप पर दी कड़ी चुनौती

देहरादून, 28 दिसंबर 2025: उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर अनुसूचित जाति समाज के अपमान का आरोप लगाया, जिसके बाद गोदियाल ने तल्ख लहजे में पलटवार किया। गोदियाल ने भट्ट की निंदा करते हुए कहा कि अफसोस की बात है कि अंकिता मामले पर पूरी सरकार मौन साधे हुए है और इतने दिन बीतने के बाद भी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।

गोदियाल ने महेंद्र भट्ट पर हमला बोलते हुए कहा, “महेंद्र भट्ट खुद अपने नेताओं की जाति बताकर मामले को डायवर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें यह पता होना चाहिए कि उन्होंने अपने शीर्ष नेता की जाति बताकर उस जाति का अपमान किया है। खुद उन पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं और उन आरोपों के तहत वो खुद आरोपी हैं।” गोदियाल ने आगे कहा, “अगर गणेश गोदियाल होने के नाते मैं कोई अयोग्यता अर्जित कर लेता हूं तो यह मेरी जाति का नहीं, बल्कि गणेश गोदियाल का अपमान माना जाएगा। इसलिए महेंद्र भट्ट को घमंड नहीं करना चाहिए। प्रदेश की सरकार भाजपा के घमंड में न रहे।”

कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि प्रदेश का युवा, महिलाएं और उत्तराखंड से स्नेह रखने वाला हर व्यक्ति इस सरकार को जवाब देगा। उन्होंने अंकिता मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा आरोपों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस ने मनाया 140वां स्थापना दिवस: गोदियाल ने ध्वजारोहण कर लिया संकल्प

इसी बीच, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस को धूमधाम से मनाया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम और राष्ट्रगान गाया। इसके बाद कांग्रेसी नेताओं-कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और शुभकामनाएं साझा कीं।

गणेश गोदियाल ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस विश्व की सबसे पुरानी लोकतांत्रिक पार्टी है और आजादी के आंदोलन में इसका सबसे अहम योगदान रहा। उन्होंने याद दिलाया कि 28 दिसंबर 1885 का दिन भारत के स्वर्णिम इतिहास में अमिट स्मृति के रूप में दर्ज है। गोदियाल ने कहा, “जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की थी, उन्हें कल्पना भी नहीं थी कि यह संगठन एक दिन भारत की जनता को एक सूत्र में पिरोएगा और देश के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।”

उन्होंने कांग्रेस की मूल भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि दबे-कुचले, गरीब और असहाय वर्गों के साथ पार्टी हमेशा खड़ी रही है। गोदियाल ने आगे कहा कि आजादी प्राप्ति के बाद अब उससे भी कठिन संकल्प की जरूरत है। सभी कांग्रेसजनों ने इस मौके पर संकल्प लिया कि जिस आजादी के लिए विभिन्न तबकों ने कुर्बानी दी, उसे अक्षुण्ण रखने और संविधान को मजबूत करने के लिए मजबूती से काम करेंगे।

गोदियाल ने कांग्रेस का लक्ष्य स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी एक ऐसे भारत का निर्माण करना चाहती है, जो विषमताओं और शोषण से मुक्त हो, जहां सभी नागरिक खुशहाली, भाईचारा और शांति के साथ समान रूप से रहें। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक लक्ष्य को पूरा करने का विश्वास जताया।

यह आयोजन अंकिता हत्याकांड पर चल रहे सियासी विवाद के बीच हुआ, जिससे कांग्रेस ने एक तरफ सरकार पर हमला जारी रखा और दूसरी तरफ संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। भाजपा ने अभी तक गोदियाल के ताजा बयानों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस जुबानी जंग के और तेज होने की आशंका है।

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