उत्तराखंड

सीएम धामी ने कोटाबाग में घोड़ा लाइब्रेरी ‘पहाड़ पंछ्याण’ महोत्सव 2025 में शिरकत की: 114 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

सीएम धामी ने कोटाबाग में घोड़ा लाइब्रेरी ‘पहाड़ पंछ्याण’ महोत्सव 2025 में शिरकत की: 114 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

कोटाबाग (नैनीताल)/देहरादून, 28 दिसंबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी के कोटाबाग में आयोजित घोड़ा लाइब्रेरी ‘पहाड़ पंछ्याण’ महोत्सव 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर सीएम धामी ने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए कालाढूंगी विधानसभा और जनपद नैनीताल के लिए 114 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम पीएम श्री गवर्नमेंट मॉडल इंटर कॉलेज कोटाबाग में आयोजित हुआ।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 129वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना और उसके बाद महोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने घोड़ा लाइब्रेरी की अनोखी पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सीएम ने कहा कि घोड़ा लाइब्रेरी दूरस्थ गांवों तक किताबें पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को साकार करने और जीवन में मार्गदर्शन देने का अनुपम प्रयास है। इसकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी ‘मन की बात’ में इसका जिक्र कर सराहना की थी।

महोत्सव के लिए सीएम धामी ने 91 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की, जिससे इस सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजन को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, जनपद नैनीताल में पशु चिकित्सालय नैनीताल भवन के निर्माण को राज्य योजना के तहत मंजूरी दी गई। सीएम ने डिजिटल शिक्षा पर जोर देते हुए बताया कि राज्य में 840 स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू की गई हैं और वर्चुअल लर्निंग ऐप के जरिए हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है।

घोड़ा लाइब्रेरी पहल दूरदराज के गांवों में घोड़े पर किताबें लेकर पहुंचती है, जिससे बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित हो रही है। यह संकल्प यूथ फाउंडेशन की महत्वाकांक्षी योजना है, जो अब राष्ट्रीय स्तर पर सराही जा रही है। महोत्सव में लोक संस्कृति, साहित्य और शिक्षा पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम से कालाढूंगी क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है। स्थानीय लोगों ने सीएम का जोरदार स्वागत किया और विकास योजनाओं के लिए आभार जताया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलें पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा और संस्कृति को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक उत्सवों को प्रोत्साहन देने का संदेश देता है।

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